Can these tennis legends of India bring some more glory to India?

इंडियन एक्सप्रेस’ का सफर काश कुछ साल और सुपरफास्ट ही रहता 


लिएंडर पेस तब 16 साल के थे और पहली बार 15 साल के महेश भूपति को  एशियाई चैंपियनशिप में खेलते देखा। उन्हें एकदम लगा कि एक साथ विंबलडन जीत सकते हैं और दुनिया में नंबर वन हो सकते हैं। भूपति ने ये सुना तो हैरान रह गए पर मान गए।
 

ये वही पेस थे जिन्होंने 1996 अटलांटा ओलंपिक में टेनिस में सिंगल्स का ब्रॉन्ज़ जीता-1952 के बाद व्यक्तिगत ओलंपिक मैडल जीतने वाले पहले भारतीय। 1997 में, महेश भूपति ने इतिहास बनाया- जापान की रिका हिराकी के साथ फ्रेंच ओपन मिक्स्ड डबल्स जीतकर ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। उसी साल लिएंडर पेस और महेश भूपति ने डबल्स की जोड़ी बनाई और जो मशहूरी दोनों को जोड़ी के तौर पर मिली उसका कोई मुकाबला नहीं- इतिहास में ऐसी और कोई मिसाल नहीं।

*  12 साल से ज्यादा की पार्टनरशिप में तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते।
*  1999 में विंबलडन- इसे जीतने वाली भारत की पहली डबल्स जोड़ी।
*  पेस और भूपति ने 1999 और 2001 में दो फ्रेंच ओपन टाइटल भी जीते।
*  डेविस कप में लगातार 24 मैचों में से किसी में नहीं हारे- ये आज तक रिकॉर्ड है . 1997 में शुरू और 2010 तक)

*  25 एटीपी टूर टाइटल जीते।

लिएंडर पेस नेट में माहिर जबकि महेश भूपति मजबूत बेसलाइन खिलाड़ी- दोनों की जोड़ी ने हर कमी को पूरा कर दिया और इनका चेस्ट-बम्प सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में मशहूर हो गया। पहली बार 1994 में टीम बनाई, 1995 और 1996 में कुछ एटीपी चैलेंजर टाइटल जीते और डेविस कप में भी खेले। जोड़ी, जल्द ही ‘इंडियन एक्सप्रेस’ बन गई और आने वाले सालों में नंबर 1 जोड़ी।1997 से दोनों नियमित एक साथ खेले। अप्रैल 1997 में चेन्नई ओपन में अपना पहला एटीपी टूर टाइटल एक साथ जीता- अपनी जमीं पर जीतने से ये और भी यादगार बन गया।  इसके बाद तो रुके ही नहीं :

*  1997 में क्ले और हार्ड कोर्ट पर पांच और एटीपी टूर टाइटल। 
*  1998 में, 6 और एटीपी टूर टाइटल तथा ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे।
*  गोल्डन ईयर था 1999 : सभी चार ग्रैंड स्लैम के डबल्स फाइनल खेले- फ्रेंच ओपन, विंबलडन और चेन्नई एटीपी टूर टाइटल जीतकर डबल्स रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर 1 बने। ऑस्ट्रेलियन ओपन लिएंडर पेस के लिए पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था जबकि महेश भूपति के लिए तीसरा।
*  पेस और भूपति ने अगले कुछ सालों तक अपनी शानदार पार्टनरशिप जारी रखी, सात एटीपी टूर टाइटल जीते, 2001 फ्रेंच ओपन- एक जोड़ी के रूप में उनका तीसरा और आखिरी ग्रैंड स्लैम और 2002 में एशियाई खेलों का गोल्ड मैडल।

यहीं से पता नहीं क्यों आपसी रिश्ते में कुछ दरार आ गई और 2002 में अलग होने का फैसला कर लिया। 2004 एथेंस ओलंपिक से पहले, ली-हेश ने एक बार फिर से टीम बनाने का फैसला किया और फ़ौरन कैनेडियन मास्टर्स टाइटल जीता। 2004 ओलंपिक- ब्रॉन्ज़ के करीब तक पहुंचे पर जीत नहीं पाए। 2006 एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार डबल्स का गोल्ड जीता। 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए फिर से टीम बनाई- क्वार्टर फाइनल में पहुंचे पर हार गए। नियमित जोड़ी टूटने के बावजूद 2011 में एटीपी टूर जोड़ी बनाई- चेन्नई ओपन जीता और 2011 ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे पर चौथा ग्रैंड स्लैम टाइटल हाथ नहीं आया। आख़िरी बार अलग होने से पहले 2011 में मियामी और सिनसिनाटी में एटीपी टूर टाइटल जीते।

महेश भूपति आखिरकार 2013 में 12 ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने के बाद रिटायर हो गए- 4 डबल्स और 8 मिक्स्ड डबल्स। लिएंडर पेस ने 18 ग्रैंड स्लैम (8 डबल्स और 10 मिक्स्ड डबल्स) जीते। पेस ने टोकियो में अपना आठवां और आखिरी ओलंपिक खेलने के बाद 2020 में रिटायर होने की स्कीम बनाई थी पर कोविड ने सब गड़बड़ कर दी और पेस तो टोकियो भी नहीं जा पाए।

 
आज ये जोड़ी फिर से चर्चा में है- इस रहस्य को सुलझाने कि आखिरकार एक दूसरे से अलग क्यों हुए थे? दोनों अब मानते हैं कि आपसी बातचीत से मतभेद दूर कर सकते थे।
काश ये ‘इंडियन एक्सप्रेस ‘ कुछ और साल पटरी पर सही तरह चलती- न जाने कितने और टाइटल रिकॉर्ड में जुड़ते?
 
– चरनपाल सिंह सोबती 
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