Will India break record of Six Medals in Tokyo?

Will India break record of Six Medals in Tokyo?
ओलंपिक में मैडल की नई उम्मीद के साथ ‘टीम इंडिया’ टोकियो में 
 
जरूरी तो नहीं कि ‘टीम इंडिया’ का जिक्र होते ही सिर्फ क्रिकेट की याद आए। इस समय ‘टीम इंडिया’ टोकियो में है और इरादा सिर्फ यही कि ज्यादा से ज्यादा मैडल जीतकर टोकियो से लौटना है।   
 

भारत ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी टीम को टोकियो भेजा है – नई उम्मीद के साथ। पूरा विश्वास कि इस बार पहले से बेहतर होगा रिकॉर्ड और मैडल आएंगे। उम्मीद की वजह ये कि जो टोकियो में हैं – उनमें से कुछ तो ऐसे हैं जो दुनिया में सबसे बेहतर में से एक हैं। हर देशवासी यही पूछ रहा है – टोकियो में भारत कितने मैडल जीतेगा?

एक आम खेल प्रेमी की नज़र में तो ये हर ओलंपिक से पहले की कहानी है। बड़े बड़े दावे और उम्मीद और फिर एक – दो मैडल और अगले ओलंपिक की तैयारी शुरू। क्या इस बार भी ऐसा ही होगा? लगता है इस बार ऐसा नहीं होगा। सरकार ने ओलंपिक की तैयारी के नाम पर कोई कमी नहीं रखी। खेलों की दुनिया में सही अनुमान के विशषज्ञों के मुताबिक़ भारत के लिए टोकियो में बंपर कामयाबी – चार गोल्ड सहित कुल 17 मैडल। इनमें से शूटिंग में 8, बॉक्सिंग में 4, कुश्ती में 3 और आर्चरी एवं वेटलिफ्टिंग में एक-एक मैडल। अगर ये अनुमान सही रहा तो भारत पिछले 12 खेलों में जीते कुल मैडल गिनती की बराबरी कर लेगा।23 जुलाई से शुरू इन ओलंपिक में भारत के नए रिकॉर्ड की उम्मीद है।

इस अनुमान की वजह है पिछले ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप के नतीजे जिसमें हाल के आयोजन को ज्यादा महत्व दिया है। जब ओलंपिक 2020 में होने थे तो 2019 में भविष्यवाणी थी कि भारत सिर्फ एक गोल्ड जीतेगा। अब ये गिनती 4 है जबकि सिल्वर और ब्रॉन्ज़ का अनुमान पहले के बराबर रहा। तब सिर्फ पहलवान बजरंग पुनिया के ही गोल्ड जीतने का अनुमान था। अब बजरंग के अलावा गोल्ड विजेताओं में पहलवान विनेश फोगाट, 10 मीटर एयर राइफल शूटर इलावेनि वलारिवन और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम (सौरभ चौधरी और मनु भाकर) के होने की संभावना है। इस तरह यह टोकियो को भारत के अब तक का सबसे सफल ओलंपिक खेल बना देगा। रिकॉर्ड ये है कि भारत ने ओलंपिक इतिहास में अब तक सिर्फ एक व्यक्तिगत गोल्ड जीता है – अभिनव बिंद्रा 2008 बीजिंग खेलों में।
इस बात के पूरे आसार हैं कि शूटिंग में टोकियो में भारत के कुल मैडल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा होगा। 8 मैडल कोई मामूली गिनती नहीं – 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम के साथ चौधरी और भाकर एक-एक सिल्वर भी जीत सकते हैं, जबकि यशस्विनी देसवाल (10 मीटर एयर पिस्टल) और दिव्यांश पंवार (10 मीटर एयर राइफल) के ब्रॉन्ज़ जीतने का अनुमान है। एक अन्य शूटर चिंकी यादव से भी ब्रॉन्ज़  की उम्मीद थी पर वे टोकियो नहीं गईं।  
 
बॉक्सर अमित पंघाल और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू सिल्वर की उम्मीद  में हैं, जबकि दिग्गज बॉक्सर मैरी कॉम अपना दूसरा ओलंपिक मैडल, एक और ब्रॉन्ज़ जीतकर विदाई ले सकती हैं। रियो ओलंपिक की सिल्वर विजेता पीवी सिंधु ने अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखा तो वे इस बार भी मैडल लाएंगी। पुरुष हॉकी टीम की पोडियम फिनिश की तलाश पूरी होना उतना आसान नहीं है, जितना माना जा रहा है।  
वैसे रिकॉर्ड के लिए : भारत की अब तक की सबसे बेहतर मैडल गिनती 6 रही है – 2012 लंदन ओलंपिक में। इस बार इस रिकॉर्ड को पार करने और उससे भी आगे जाने का मौका है। भारत ने अब तक की सबसे बड़ी टीम रियो में 2016 के ओलंपिक में 15 खेलों में कुल 117 एथलीट की भेजी थी। ये रिकॉर्ड भी टूट रहा है।
 
तो टोकियो के लिए ‘टीम इंडिया’ तैयार है। 
 
– चरनपाल  सिंह सोबती 
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