This Indian to play in his fourth Olympics !

शरथ कमल वेटरन हैं ओलंपिक में – अपने चौथे ओलंपिक में दो इवेंट में हिस्सा लेंगे  
 
शरथ कमल: अपने अनुभव और हाल के दिनों की बेहतर फार्म की बदौलत उन्हें लग रहा है कि यह उनका सबसे बेहतर ओलंपिक साबित हो सकता है। वे दिग्गज हैं ओलंपिक में हिस्सा लेने के मामले में – अपने चौथे ओलंपिक में जा रहे हैं। उनकी ये सोच इस बात पर टिकी है कि हाल ही में दोहा में वर्ल्ड टेबल टेनिस स्टार कंटेंडर सीरीज़ में जर्मनी के वर्ल्ड नंबर 16 पैट्रिक फ्रांज़िस्का को हराया। 
 
वे भी TOPS स्कीम में हैं और उनका मानना है कि इससे बहुत मदद मिली है। उनकी सफलता का सफर देखिए : 
 
 *  2018 कॉमन वेल्थ गेम्स : तीन मैडल जीते।  
*   जकार्ता  2018 एशियाई खेल : सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स (मनिका बत्रा के साथ) इवेंट में ब्रॉन्ज़।
*   नौ बार नेशनल चैंपियन।
*   वर्ल्ड रैंकिंग में 32 नंबर पर ।
भारत के टॉप रैंकिंग वाले टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरथ कमल को इस बार ओलंपिक में मैडल जीतने की पूरी उम्मीद है – खासकर मनिका बत्रा के साथ मिक्स्ड डबल्स इवेंट में। वे 2004 से ओलंपिक मैडल जीतने का सपना देख रहे हैं ( इसमें 2012 लंदन खेलों में नहीं खेले थे) पर जब 2018 एशियाई खेलों में मनिका के साथ ब्रॉन्ज़ जीता तो उसी से उन्हें विश्वास हुआ कि अगर एशियाई खेलों में ऐसा कर सकते हैं, तो ओलंपिक में क्यों नहीं ? 
 
मनिका के साथ उनकी जोड़ी कमाल की है – टोनों एक दूसरे के खेल को समझते हैं और उसी हिसाब से खेलते हैं। ये पहले ओलंपिक हैं जिनमें वे दो इवेंट – सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में हिस्सा ले रहे हैं। मिक्स्ड डबल्स में वर्ल्ड नंबर 18 रैंकिंग है। इन दोनों की उम्र में 13 साल का फर्क है।जब ये टोकियो में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में 16 जोड़ियों में से एक के तौर पर मुकाबला शुरू करेंगे तो शरथ अपना 39 वां जन्मदिन मना चुके होंगे।  

कोविड ने इनकी तैयारी पर भी असर डाला। डब्ल्यूटीटी से पहले, उनका पिछला टूर्नामेंट पिछले साल फरवरी में आईटीटीएफ हंगेरियन ओपन में था। तब से, शरथ और मनिका मैच खेलने की बात तो दूर, एक साथ प्रैक्टिस भी नहीं कर पा रहे थे। इसलिए जब डब्ल्यूटीटी मैचों में खेले, तो खूब प्रैक्टिस की। मनिका भी सिंगल्स में हिस्सा ले रही है।  
 
शरथ टीटी में वेटरन हैं – 2006 दोहा एशियाई खेलों में, सौम्यदीप रॉय टीम में उनके साथ थीं – अब वे भारतीय टीम के कोच स्टाफ में हैं। जब शरथ एथेंस में अपना पहला ओलंपिक खेले तो  टीम के मौजूदा साथी साथियान ज्ञानशेखरन ‘टीन’ भी नहीं थे। 2018 में मैडल जीतने के बाद सोचा कि अब बस करें पर खेलना जारी रखा और अपने आप से कहा – ‘चलो टोकियो चलते हैं… और मैं अब टोकियो जा रहा हूँ।’ 2006 में, माँ उनकी शादी कराना चाहती थी। 2009 में  शादी हुई और अब 2021 है और वे खेल रहे हैं।  
– चरनपाल सिंह सोबती
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