हर जानकार कह रहा है कि एक ओलंपिक गोल्ड तो पक्का – कौन लाएगा इसे?

हर जानकार कह रहा है कि एक ओलंपिक गोल्ड तो पक्का – कौन लाएगा इसे?
 
भारत में पूरा विश्वास किया जा रहा है कि इस बार रिकॉर्ड पहले से बेहतर होगा और मैडल आएंगे।एक गोल्ड मैडल तो पक्का मान रहे हैं। ग्रेसेनोट ने भी भारत के लिए टोकियो में बंपर कामयाबी की भविष्यवाणी की है – इसमें चार गोल्ड सहित कुल 17 मैडल हैं। उन्होंने भी कहा कि चार गोल्ड न भी आए तो एक तो पक्का आना ही चाहिए।

जब ओलंपिक 2020 में होने थे तो 2019 में की भविष्यवाणी में, ग्रेसनोट ने कहा था कि भारत सिर्फ एक गोल्ड जीतेगा। ये नाम भी वही था जिसे अब भी गारंटी कह रहे हैं। जिस गोल्ड को गारंटी माना जा रहा है वह पहलवान बजरंग पुनिया के नाम लिखा जा रहा है। रिकॉर्ड ये है कि भारत ने ओलंपिक इतिहास में अब तक सिर्फ एक व्यक्तिगत गोल्ड जीता है – अभिनव बिंद्रा 2008 बीजिंग खेलों में। 
 
कौन हैं ये बजरंग पुनिया? बजरंग पुनिया 65 किग्रा में वर्ल्ड नंबर 1 हैं। पिछले तीन सालों में हर बड़े टूर्नामेंटो में लगातार मैडल जीते हैं – 2018 एशियाई खेलों में गोल्ड, कॉमनवेल्थ खेलों और लगातार वर्ल्ड चैंपियनशिप (2018, 2019) में सिल्वर और ब्रॉन्ज़ शामिल हैं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन मैडल जीतने वाले एकमात्र भारतीय पहलवान हैं।
 
बजरंग पुनिया को 2015 में अर्जुन अवार्ड, 2019 में पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया था। 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप सेमीफाइनल में पहुंचकर टोकियो के लिए अपनी जगह पक्की की थी। टोकियो से मैडल के बिना लौटे तो भारी निराशा होगी।
 

बजरंग पुनिया हरियाणा के फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। इस समय 65 किलोग्राम भार केटेगरी में नंबर 1 पर हैं। 26 फरवरी 1994 को जन्मे बजरंग हरियाणा के झज्जर जिले के खुदान गांव के रहने वाले हैं। 7 साल की उम्र में कुश्ती शुरू कर दी थी और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए उनके पिता, जो खुद पहलवान भी थे, ने प्रोत्साहित किया। 2015 में, उनका परिवार सोनीपत चला गया ताकि वे SAI रीजनल सेंटर में ट्रेनिंग ले सकें। इस समय रेलवे में नौकरी करते हैं। करियर की एक झलक देखिए :

 
*  पहला बड़ा टूर्नामेंट 2013 में नई दिल्ली में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप : फ्रीस्टाइल 60 किग्रा में नार्थ कोरिया के ह्वांग रयोंग-हाक से हारने के बाद ब्रॉन्ज़।
*  वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप 2013 : 60 किग्रा में ब्रॉन्ज़।  
*  2014 कॉमन वेल्थ गेम्स : 61 किग्रा में सिल्वर।  
*  2014 एशियाई खेल : सिल्वर।  
*  2014 एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप : सिल्वर।  
*  2015 वर्ल्ड कुश्ती चैम्पियनशिप : खराब प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट में 5 वें नंबर पर।  
*  2017 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप : अपना पहला गोल्ड जीता।  
*  2018 कॉमनवेल्थ गेम्स : फ्रीस्टाइल 65 किग्रा में एक और गोल्ड।  
*  2018 एशियाई खेल : अपना तीसरा गोल्ड जीता।
*  2018 वर्ल्ड  कुश्ती चैंपियनशिप : सिल्वर जीतने के बाद 65 किग्रा में वर्ल्ड नंबर 1 बन गए।

*  2019 वर्ल्ड चैम्पियनशिप : ब्रॉन्ज़ ने 2020 समर ओलंपिक का टिकट दिलाया।

पुनिया की विश्व रैंकिंग और उनका हालिया फॉर्म उन्हें ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी मैडल लिस्ट में रखती है। “हर बार जब वह मैट पर होता है, तो उससे गोल्ड जीतने की उम्मीद होती है ” – ये कहना है बजरंग पुनिया के कोच एमज़ारियोस बेंटिनिडिस का, जो जॉर्जिया से है। बेंटिनिडिस इस वक़्त न सिर्फ बजरंग के कोच हैं, बल्कि साथी/ दोस्त सब हैं। SAI ने बजरंग की ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं रखी। अब बस गोल्ड का इंतज़ार है।

 
– चरनपाल  सिंह सोबती

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