अभिनव बिंद्रा के बाद अगला शूटिंग गोल्ड इनके नाम लिखा जा रहा है ?

अपूर्वी चंदेला के साथ साथ 2018 और 2019 में जिस शूटर की सबसे ज्यादा चर्चा थी वे सौरभ चौधरी हैं। हर किसी ने कहा 2020 में और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। तब इस कोविड के बारे में थोड़े ही मालूम था। इस तरह एक बेहतर निशानेबाज घर पर अपनी शूटिंग रेंज के अंदर कैद हो गया। अपने परिवार वाले भी दूरी पर रहे ताकि वह बीमार न हो।इसके बाद जब पता लगा कि ओलंपिक स्थगित हो गए तो सौरभ इतने निराश थे कि बोलना ही बंद कर दिया – वैसे भी वे कम बोलते हैं। 24 जुलाई, 2020 को, भारत के ओलंपिक लिए मैडल जीतने का सपना टूट गया। अब वे इस कमी को पूरा करने के लिए तैयार हैं।  
 
सौरभ ने 2018 में  वर्ल्ड शूटिंग मंच पर आने के बाद से कोई कदम गलत नहीं उठाया है। देखिए :
 
*  2018 : सबसे कम उम्र में भारतीय शूटर का,10 मीटर एयर पिस्टल में एशियाई खेलों का गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड।  
*  2018 एशियाई एयरगन चैंपियनशिप : तीन गोल्ड – 10 मीटर एयर पिस्टल, टीम इवेंट और मिक्स्ड टीम 10 मीटर पिस्टल में।
*  2019 : दो वर्ल्ड कप गोल्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड और रैंकिंग चार्ट में टॉप पर। मिक्स्ड टीम इवेंट (मनु भाकर के साथ) में भी चमके।
*  2019 मई म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप : 10 मीटर पिस्टल में गोल्ड और वर्ल्ड और जूनियर रिकॉर्ड तोड़े।     
*  2019 : चार वर्ल्ड कप में से हर एक में मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड।    
* 18 साल की उम्र तक : ISSF वर्ल्ड कप, ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, यूथ ओलंपिक (अर्जेंटीना में) के साथ-साथ एशियाई खेलों में 12 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज़ जीत लिए थे।
*  जनवरी 2020 63वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप : 10 मीटर एयर पिस्टल में 63वां गोल्ड जीता।
*  मार्च 2021 वर्ल्ड कप: 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड।
 
सौरभ चौधरी (जन्म 12 मई 2002) मेरठ के कलिना गांव के किसान परिवार से हैं। शूटिंग की शुरुआत घर से कुछ किलोमीटर दूर बिनौली में एक अस्थायी शूटिंग रेंज में कोच अमित श्योराण से मुलाकात से हुई। उस इलाके के युवा सेना में नौकरी पाने के लिए शूटिंग सीखते हैं पर सौरभ इनसे अलग निकले। उनका जुनून देखकर परिवार ने उनके लिए एक पिस्तौल खरीदने का फैसला किया – ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि उसके पास ऐसी टैलेंट है।’
 
पांच साल बड़े भाई नितिन भी शूटर हैं और सौरभ के साथ रहते हैं – उनकी मैनेजमेंट के लिए। 2019 में ओलंपिक के लिए कोटा जगह हासिल कर ली थी। कोविड -19 से वे भी बीमार हुए।13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की और रोजाना  ट्रेनिंग के लिए बसों में एक तरफ 15 किमी तक की यात्रा की। कोच अमित श्योराण उनके साथ हैं।  
 
हरियाणा में  तपती गर्मी में अपने कमरे में ट्रेनिंग शुरू करने वाले सौरभ चौधरी यकीनन निशानेबाजी में भारत के लिए एक मैडल की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। क्या पता अभिनव बिंद्रा के बाद  भारत के लिए गोल्ड वही लाएं? चौधरी और भाकर टोकियो ओलंपिक में टीम मैडल के भी जोरदार दावेदार हैं। 
 
– चरनपाल  सिंह सोबती 
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