टेलेंट है तभी तो इस रेस वॉकर ने लगातार तीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया !

टेलेंट है तभी तो इस रेस वॉकर ने लगातार तीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया 
 

भारत से टोकियो ओलंपिक जाने वाले एथलीट की लिस्ट लंबी होती जा रही है – क्या किसी को याद है कि इन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले एथलीट कौन थे ? 

 

ये मार्च 2019 की बात है और रिकॉर्ड बनाया केटी इरफ़ान ने। जापान के नोमी में एशियाई रेस वॉकिंग चैंपियनशिप की 20 किमी इवेंट में नंबर 4 रहे और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया। इरफान ने 1 घंटा 20 मिनट 57 सेकंड का समय निकालकर टोकियो क्वालिफिकेशन के 1 घंटे 21 मिनट के मार्क को  पार किया। ऐसी रेस में इरफ़ान का सबसे बेहतर समय 1:20:21 का नेशनल रिकॉर्ड है, जो 2012 ओलंपिक में 10वें नंबर पर आने के साथ बनाया था।  केरल के ये रेस वॉकर अगर जीते रेस  के लिए मशहूर हैं तो अपने करियर की कुछ अजीब घटनाओं के लिए भी। देखिए : 


*  2011 इंटर स्टेट सीनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप : सिल्वर।
*  2011 ओपन नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप : गोल्ड।  
*  2012 फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक चैंपियनशिप : गोल्ड।
*  2012 वर्ल्ड रेस वॉकिंग कप- लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।  
*  2012 लंदन ओलंपिक- नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और 10 वें नंबर पर रहे।  
*  2013 IAAF वर्ल्ड रेस वॉकिंग चैलेंज- नंबर 5 रहे।  
* 2016  रियो ओलंपिक : क्वालीफाई किया लेकिन एक स्ट्रेस फ्रैक्चर ने हिस्सा नहीं लेने दिया ।
* 2017  दिल्ली मैक्स बूपा रेस वॉकिंग चैंपियनशिप : गोल्ड। 
* 2017 जापान – नोमी एशियन रेस वॉकिंग चैंपियनशिप: ब्रॉन्ज़। इस कैटेगरी में भारत के लिए मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय – गुरपाल सिंह ने एक साल पहले देश को गोल्ड मेडल दिलाया था।
* 2017 लंदन वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप: नंबर 23 रहे।

* 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स : उन दो भारतीय एथलीट में से एक थे जिन्हें खेलों की ‘नो नीडल पॉलिसी’ का पालन न करने के लिए गेम्स से निकाल दिया था। एंटी डोपिंग अधिकारियों को उनके कमरे में एक सिरिंज मिली थी।
* 2018 एशियाई खेल :  “लॉस ऑफ़ कॉन्टैक्ट” पॉलिसी में तीसरी वार्निंग मिलने पर इवेंट में हिस्सा ही नहीं लेने दिया ।

पिछले कुछ  सालों में  कुछ भारतीय  ने ओलंपिक में   रेस वॉकिंग में हिस्सा लिया है – पहले एथलीट रणजीत सिंह थे (1980 मास्को)। टोकियो ओलंपिक के लिए कुल 5 रेस वॉकर क्वालीफाई कर चुके हैं।

उनका पूरा नाम कोलोथुम थोडी इरफान है। 31 साल के हैं। केरल के मलप्पुरम जिले के रहने वाले हैं -एक साधारण परिवार से। इस समय इंडियन आर्मी में नॉन कमीशंड ऑफिसर – आर्मी में मद्रास रेजिमेंट सेंटर में सूबेदार रामकुमार के तहत ट्रेनिंग ने भी बड़ी में मदद की। अब ‘मलप्पुरम एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर इरफान ने बचपन में हैमर थ्रो, जेवलिन, लांग जम्प और फुटबॉल जैसे खेल खेले – उनके बड़े भाई के दोस्त रेबास मोसाही ने रेस वॉकिंग से उन्हें परिचित कराया था।  
 
सीधे तीन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया – ये किसी भी भारतीय एथलीट के लिए कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। टोकियो ओलंपिक से पहले केटी ने क्रमशः 2012 और 2016 में लंदन और रियो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया था। कमी कहाँ रह जाती है – इरफान आखिरी पांच किलोमीटर में तकनीक और फिटनेस की कमी को जिम्मेदार मानते हैं – हाल के महीनों में उन्होंने इसी पर काम किया है। उनका मानना है कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा है और उसी के अनुसार खुद को तैयार किया है। आत्मविश्वास से भरे रेस वॉकर इस साल सब बदलने के लिए तैयार हैं।
 
– चरनपाल सिंह सोबती
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