This woman weightlifter failed in Rio but can win medal in Tokyo for India !

Feature image of a woman weightlifter is symbolic only.

2016 रियो की नाकामयाबी ने चानू को तोड़ दिया था पर अब नज़र टोकियो में मैडल पर है 

 2016 रियो ओलंपिक : वेटलिफ्टर मीराबाई चानू क्लीन एंड जर्क में अपनी तीनों लिफ्ट में से किसी को भी ‘सही लिफ्ट’ की शक्ल नहीं दे पाईं यानि कि बुरी तरह से नाकामयाब। ऐसे में उनका ‘टूटना’ कोई हैरानी की बात नहीं। एक बार तो सोच ही लिया था कि वेटलिफ्टिंग को अब हमेशा के लिए छोड़ देना है।  

इस साल अप्रैल में एशियाई चैंपियनशिप (ताशकंद) में फिर से ऐसा ही हो रहा था – स्नैच की पहली दो लिफ्ट में नाकामयाब पर तीसरी कोशिश में 86 किलो उठा लिया और बाकी की कमी क्लीन एंड जर्क में 119 किलो की वर्ल्ड रिकॉर्ड लिफ्ट के साथ ऐसा कमाल किया कि ब्रॉन्ज़ जीत लिया। ये सिर्फ मैडल नहीं था – वह टॉनिक था जिसकी चानू को सख्त जरूरत थी। उनका नाम अब उस लिस्ट में है जिनसे देश एक मैडल की पूरी – पूरी उम्मीद लगा रहा है। रियो से पांच साल बाद अब वे रियो को भुला देना चाहती हैं।  
 
रियो के बाद हालत ये हो गयी थी कि SAI ने चानू  की मदद के लिए एक स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट का इंतज़ाम किया – तभी उनमें मुकाबले की भावना वापस आई। रियो उनके लिए पहले ओलंपिक थे और उम्मीद के दबाव को वे झेल नहीं पाईं। तब भी सभी उनसे मैडल की उम्मीद कर रहे थे। तब से  अब तक बहुत कुछ बदल चुका है और 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप तथा 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड उनकी टैलेंट के सबूत बने ।  

अभी भी सब कुछ ठीक नहीं है। एक तरफ ओलंपिक तो दूसरी तरफ पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहने लगा (इस वजह से कई महीने एक्शन से बाहर)। अमेरिका में प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट आरोन हॉर्शिग से सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPs) के तहत न सिर्फ सलाह का इंतज़ाम किया गया – फायदा देखकर, अब फिर से सरकार ने उन्हें अमेरिका भेज दिया है उन्हीं के सामने रिहेबिलिटेशन और ट्रेनिंग के लिए – वे वहीं से सीधे ओलंपिक जाएंगी। ताशकंद इवेंट में भी इसी बदौलत हिस्सा ले पाई थीं। 
49 किलो वजन केटेगरी की इस वेटलिफ्टर के साथ नेशनल कोच विजय शर्मा और असिस्टेंट  कोच संदीप कुमार भी गए हैं।
टोकियो में चानू के मैडल जीतने की उम्मीद में नार्थ कोरिया के योगदान को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता – नार्थ कोरिया ओलिंपिक का बॉयकॉट कर रहा है कोविड -19 के कारण। चानू  इस समय 49 किग्रा टोकियो खेलों की क्वालीफाइंग रैंकिंग में 3869.8038 रॉबी अंक के साथ चौथे नंबर पर हैं – नार्थ कोरिया की जिस री सोंग गम ने चानू (201 किलो) को मात दे 2019 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 204 किलो भार उठाकर ब्रॉन्ज़ जीता था, अब वे मुकाबले में नहीं  हैं। मौजूदा क्वालीफाइंग रैंकिंग में टॉप 5 में तीन चीनी वेटलिफ्टर हैं पर नियम ये है कि इन तीन में से कोई एक ही ओलंपिक में मुकाबला कर सकेगा (एक देश से एक वेट केटेगरी में एक एथलीट) और इस हिसाब से चानू अपनी केटेगरी में  दूसरी सबसे बेहतर वेटलिफ्टर बन जाती हैं। तो क्या ऐसे में मैडल की उम्मीद लगाना गलत है ?
 
– चरनपाल सिंह सोबती
Feature image is symbolic (Image by Luciana Ottoni Lu Ottoni from Pixabay)
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