This Indian shooter is participating in 3 events and India’s hope in Tokyo Olympics !

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Feature image  by planet_fox from Pixabay

Olympics Image by Gerhard G. from Pixabay

शूटिंग की तीन इवेंट में हिस्सा लेने वाली मनु भाकर से मैडल की बहुत उम्मीद है

अगर एक 19 साल की शूटर को ओलंपिक में तीन इवेंट के लिए चुनें तो इसी से ही अंदाज़ा हो जाता है कि उनसे क्या उम्मीद लगा रहे हैं ? ये शूटर हैं मनु भाकर जो टोकियो में निम्न तीन इवेंट में हिस्सा लेंगी :

महिला 10 मीटर एयर पिस्टल 

महिला 25 मीटर एयर पिस्टल

मिक्स्ड टीम 10 मीटर पिस्टल: सौरव चौधरी के साथ

जब भारत ने अपने शूटर विशेष ट्रेनिंग और प्रैक्टिस के लिए इस महीने क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब भेजे तो इनमें से एक शूटर का सामान जरूरत से ज्यादा भारी था। वजह ? इसमें एक बैग ऐसा था जिसमें किताबें भरी पड़ी थीं। ये मनु का ही बैग था जिन्हें यूरोपीय चैंपियनशिप में शूटिंग के दौरान बीए (चौथा सेमेस्टर – दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन में पॉलिटिकल साइंस की स्टूडेंट) का ऑन लाइन इम्तहान देना था – 18 मई से इम्तहान और ओसिजेक में यूरोपीय चैंपियनशिप दो दिन बाद 20 मई से शुरू। शूटिंग और पढ़ाई साथ साथ चलते रहे। इस बात के लिए उनकी तारीफ करनी होगी कि वे खेलों के लिए पढ़ाई को नज़रअंदाज़ नहीं कर रहीं। इम्तहान पास करने हैं तो ओलंपिक में मैडल भी जीतना है और जो मनु को जानते हैं उन्हें भरोसा है कि वे ऐसा ही करेंगी।यूथ ओलंपिक, आईएसएसएफ वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड विजेता भाकर ने कहा – “यह ओलंपिक का साल है और मैं पूरी तरह से अपना सबसे बेहतर देने और अपने देश के लिए सम्मान लाने में कोई कमी नहीं रखूँगी।”

नेवी में चीफ इंजीनियर रामकिशन ने अपनी बेटी को खेल में अपना करियर शुरू करने के लिए हमेशा मदद की और आगे बढ़ाया ।बुलेट, शूटिंग गियर, कोरोनावायरस में सफर की जरूरतें और किताबें – हर इंतज़ाम में पिता साथ थे।मनु भाकर हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव की हैं।14 साल की उम्र तक मनु ने मणिपुरी मार्शल आर्ट Huyen langlon के साथ-साथ बॉक्सिंग, टेनिस और स्केटिंग जैसे खेलों में  हिस्सा लिया और सभी में बेहतर थीं।आखिर में शूटिंग को चुना और पिता ने डेढ़ लाख रूपए खर्चे पहले इक्विपमेंट के लिए। ये खर्चा बेकार नहीं गया। देखिए :

* 2017 एशियाई जूनियर चैंपियनशिप : सिल्वर।

* नेशनल  गेम्स : 9 गोल्ड। 2017 में कई वर्ल्ड कप मैडल विजेता हीना सिद्धू को हराया, उनका नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा ।

* 2018 मेक्सिको ISSF वर्ल्ड कप : 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड। गोल्ड जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय – उम्र सिर्फ 16 साल थी।

* 2018 ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक : गोल्ड।

* 2018 कॉमनवेल्थ खेल : गोल्ड। यहां हीना सिद्धू ने सिल्वर जीता।

सिर्फ 19 साल की उम्र में, वह ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी मैडल उम्मीद में से एक है।टोकियो ओलंपिक के लिए बिना दिक्कत क्वालीफाई किया – और सभी की निगाहें उन पर हैं ।मनु को मालूम है कि ओलंपिक में कामयाब होना है।

अब तक अभिनव बिंद्रा भारत के लिए एकमात्र व्यक्तिगत गोल्ड विजेता हैं। मनु भाकर इस लिस्ट में अगला नाम हो सकती हैं।

– चरनपाल सिंह सोबती

 

 

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