Wanted to be Sports Journalist now Olympic Shooter !

अपूर्वी चंदेला : चाह थी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बनना, अभिनव बिंद्रा के गोल्ड ने शूटिंग की तरफ मोड़ा और अब खुद टोकियो ओलंपिक में मैडल जीतने का इरादा
 
अपूर्वी सिंह चंदेला उस शूटर का नाम है जो टोकियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। शूटिंग में अब तक जो हासिल किया उसमें परिवार ने अपने साधनों से पूरी मदद की। ये कहानी है उस शूटर की जो बनना तो चाहती थी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट पर अभिनव बिंद्रा के ओलंपिक गोल्ड ने शूटिंग से ऐसा प्यार जोड़ा कि देखते – देखते 2019 में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में वर्ल्ड नंबर 1 थीं। अब इस इवेंट में खुद ओलंपिक मैडल जीतने का इरादा है। साथ में वे मिक्स्ड टीम इवेंट में पार्टनर दीपक कुमार के साथ हिस्सा लेंगी।
 
2020 की शुरुआत बड़ी उम्मीद के साथ हुई थी लेकिन झटका लगा। 2018 और 2019 में जो हासिल किया उसे टॉप पर दिखने का इरादा था 2020 में।अपूर्वी ने 2018 और 2019 में दो व्यक्तिगत (Individual) और एक मिक्स्ड टीम (Mixed Team) गोल्ड  सहित 7 वर्ल्ड कप मैडल जीते। अपनी मनपसंद इवेंट 10 मीटर एयर राइफल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया – इससे वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गईं, वह स्कोर हासिल किया जो आराम से ओलंपिक फाइनल में ले जाता।
इस तरह 2020 के शुरू में गज़ब की फॉर्म में थीं। लॉकडाउन ने क्वालिफाई करने का मौका छीन लिया पर नेशनल पिस्टल कोच समरेश जंग कहते हैं कि शायद उन्हें तैयार तथा  और बेहतर होने के लिए ज्यादा समय मिला। लॉकडाउन के दौरान मेहनत की- कोच ने राइफल के बैरल पर सिम्युलेटर लगाकर बेंगलुरु से अपूर्वी की प्रैक्टिस पर नज़र रखी।
 
जयपुर की हैं अपूर्वी चंदेला (जन्म :4 जनवरी 1993)। पिता (कुलदीप सिंह चंदेला) – होटल व्यापर में, चाचा भी मदद के लिए तैयार- यहां तक कि घर के पीछे एक शूटिंग रेंज भी  बनवा दी।माँ बिंदू राठौर हैं,जो अपने समय में बास्केटबॉल खिलाड़ी रही हैं। पिता ने ही पहली राइफल भेंट की थी। अपूर्वी लगातार  8 साल से इंटरनेशनल स्तर पर मुकाबलों में हिस्सा ले रही हैं। उनके कोच राकेश मानपत हैं। देखिए उपलब्धि का रिकॉर्ड :
 
नई दिल्ली 2012 नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप : गोल्ड।
ग्लासगो में 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स : 21 साल की उम्र में गोल्ड।
2014 में नई दिल्ली में इंटरशूट चैंपियनशिप : 4 मैडल, साथ ही फाइनल में 206.7 पॉइंट ।
चांगवोन में 2015 वर्ल्ड कप : गोल्ड ।
2016 में, चांगवोन वर्ल्ड कप : ब्रॉन्ज़। इसी से रियो 2016 के लिए क्वालिफाई किया।  
रियो ओलंपिक 2016 :10 मीटर एयर राइफल इवेंट में क्वालिफाइंग राउंड में ही 51 निशानेबाजों में से 34 वें नंबर  पर ।    
गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ खेल : गोल्ड।
2018 जकार्ता एशियाई खेल : ब्रॉन्ज़ -10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में रवि कुमार के साथ। 
ISSF वर्ल्ड कप 2019 :10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड ।252.9 के नए वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर को हासिल किया। 
2019  बीजिंग आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (ISSF World Cup) : चौथे  नंबर पर।
म्यूनिख में 2019  वर्ल्ड कप :10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड। टोकियो के लिए ओलंपिक कोटा पर अपना नाम पक्का कर लिया ।
मई 2019 ; वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 1 बनीं ।
नई दिल्ली में 2019 वर्ल्ड कप ; गोल्ड ।

मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल, जयपुर से पढ़ाई की।दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से सोशिऑलॉजी ऑनर्स में ग्रेजुएशन। खाली समय में पढ़ना अच्छा लगता है और अपने खेल में मदद के लिए मेडिटेशन करती हैं। सम्मान :2016 में, उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया। अब नज़र टोकियो पर है।
– चरनपाल सिंह सोबती