Vinesh Phogat – Will She maintain her number 1 World Rank in Tokyo ?

शादी हो गई तो क्या हुआ – विनेश फोगाट फिर वर्ल्ड नंबर 1 रैंक पर, दो गोल्ड और अब नज़र टोकियो पर 

 
स्टार भारतीय पहलवान विनेश फोगट इन दिनों को भूलेंगी नहीं। रोम में माटेयो पेलिकॉन रैंकिंग कुश्ती सीरीज में न सिर्फ वर्ल्ड नंबर 1 रैंक हासिल की, 53 किग्रा केटेगरी में गोल्ड भी जीता – टाइटल मुकाबले में वर्ल्ड ब्रॉन्ज़ विजेता कनाडा की डायना मैरी हेलेन वीकर को 4-0 से हराकर।विनेश के लिए यह लगातार दूसरा गोल्ड था। इन दोनों गोल्ड का सबसे बड़ा विश्वास ये है कि टोकियो ओलंपिक के लिए उनकी तैयारी सही राह पर है।सीरीज शुरू हुई तो वे वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 3 थीं,14 पॉइंट हासिल किए और वापस नंबर 1 पर। डायना अब  नंबर 2 पर हैं।  
 
इसी विदेश टूर में, इससे पहले विनेश ने कीव में कोच मेमोरियल में गोल्ड जीता था- फाइनल में बेलारूस की वर्ल्ड नंबर 7 वैनेसा कलादज़िंस्काया को हराकर। कोविड -19 के लॉकडाउन के बाद इसी इवेंट से विनेश ने बड़े मुकाबले में वापसी की थी। ये दोनों गोल्ड कोई छोटी बात नहीं।टोकियो ओलंपिक में 53 किग्रा मुकाबले के लिए अपनी सीट वे पहले ही रिज़र्व कर चुकी हैं।
 
फोगाट नाम का जिक्र आने पर एकदम आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ की याद आती है – इस परिवार ने लड़कियाँ के कुश्ती में आने और चमकने का जो सिलसिला शुरू किया, वह अद्भुत है। विनेश सीधे उन लड़कियों में एक नहीं हैं जिनकी कहानी उस फिल्म में दिखाई है पर परिवार वही है।
 
विनेश इसका एक ख़ास हिस्सा हैं। एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स (2018) में गोल्ड विजेता (ये गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान), ने 53 किग्रा में टॉप वर्ल्ड रैंकिंग पर पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है। वे अलका तोमर (2006), गीता फोगाट (2012), बबिता फोगाट (2012) और पूजा ढांडा (2018) के बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप मैडल जीतने वाली पांचवीं भारतीय महिला पहलवान हैं। अर्जुन अवार्ड मिला है उन्हें। 2019 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप, यासर डोगू इंटरनेशनल और पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में सिलसिलेवार तीन गोल्ड जीते। पहलवान महावीर फोगाट उनके ताऊ (पिता के बड़े भाई) हैं और उन्हीं से गीता फोगाट, बबिता कुमारी और रितु के साथ ट्रेनिंग ली।वे महावीर सिंह फोगाट के छोटे भाई राजपाल की बेटी हैं ।

विनेश फोगाट ने पहली बार इंटरनेशनल मंच पर अपने लिए तब पहचान बनाई जब 19 साल की उम्र में 2013 में नई दिल्ली में एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में 51 किग्रा में ब्रॉन्ज़ जीता।  उसी साल दक्षिण अफ्रीका में कॉमनवेल्थ कुश्ती चैम्पियनशिप में सिल्वर जीता।पहली बड़ी कामयाबी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में अगले साल मिली- 51 किग्रा से 48 किग्रा केटेगरी में ट्रांसफर लेकर विनेश ने गोल्ड जीता। मैडल जीतने का ये सिलसिला बस चला आ रहा है।
  
2016 में रियो डी जेनेरियो में ओलंपिक में जो झटका लगा था अब उसे वे टोकियो में मैडल के साथ भूलना चाहती हैं ।घुटने की चोट के कारण चीन की सुन याना के खिलाफ क्वार्टरफाइनल  से बाहर होना पड़ा था। घुटने पकड़कर और चटाई पर जोर से रोते हुए उनकी फोटो पूरी दुनिया के मीडिया में छा गई थीं। बहरहाल हिम्मत नहीं हारी, वापसी की और नतीजा सामने है।  
 
दिसंबर 2018 में अपने लंबे समय के प्रेमी और जींद जिले के बख्ता खेरा गाँव के साथी पहलवान सोमवीर राठी से शादी की – वे नेशनल चैम्पियनशिप में दो बार गोल्ड विजेता हैं। दोनों भारतीय रेलवे के लिए काम करते हैं। विनेश उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणा हैं जो ये मान लेती हैं कि शादी के बाद स्पोर्ट्स करियर ख़त्म।
– चरनपाल सिंह सोबती