Sachin Tendulkar’s last Ranji Match-The secret of this new woman star cricketer of T-20 !

सचिन तेंदुलकर के आखिरी रणजी ट्रॉफी मैच को देखने जुटी भीड़ ने टीम इंडिया को आज की टॉप टी 20 बल्लेबाज़ दी 

ये एक मजेदार कहानी है। एक लड़की ने सिर्फ 10 साल की उम्र में हरियाणा के शहर रोहतक में लड़कों के साथ ट्रेनिंग शुरू की पर तब यह नहीं मालूम था कि मंज़िल क्या है ? लड़की और क्रिकेट – ये दोनों बातें मेल नहीं खाती थीं पर वह और उसके पिता कहाँ मानने वाले थे ? हर आउटिंग का मतलब गेंदबाजों से नई चोट खाना। अक्सर गेंद हेलमेट पर लगती, गेंद की तेजी से हेलमेट गिरे भी लेकिन हार मानने का तो सवाल ही नहीं था। लड़कों को कभी नहीं कहा कि लिहाज़ करो – इसके उलट जवाब बैटिंग में अटैक से दिया। इसीलिए किसी ने ‘रिबेल’ कहा तो किसी ने ‘टॉमबॉय’।

तभी रिटायर होने से पहले अपना आखिरी रणजी ट्रॉफी मैच खेलने रोहतक आए (2013 में) सचिन तेंदुलकर। भारी भीड़ जुटी उन्हें देखने – इन्हीं में से एक वह लड़की भी थी। भीड़ देखकर हैरान- एक क्रिकेटर को देखने इतनी भीड़ ? अपने पिता से पूछा कि क्या ऐसी भीड़ मेरी क्रिकेट देखने भी जमा हो सकती है ? जवाब था – ‘क्यों नहीं, मेहनत करो तो कुछ भी असंभव नहीं।’ 

बस ये बात दिल से लगा ली और कड़ी मेहनत शुरू। 
 
मेहनत रंग लाई और अब यही लड़की सुपरस्टार है – ICC T20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज़। अब आप समझ ही गए होंगे कि ये कहानी है शफाली वर्मा की। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेली टी 20 में प्लेयर ऑफ़ सीरीज। टीम इंडिया सीरीज में 2-1 से हारी पर जो एक मैच जीता उसकी स्टार यही शफाली थी – सीरीज में 23,47 और 60 के स्कोर। जो 60 बनाए वे कोई मामूली नहीं थे- सिर्फ 26 गेंद में अपने तीसरे टी 20 आई के 50 रन और ये किसी भी भारतीय महिला बल्लेबाज का तीसरा सबसे तेज 50 बनाया। 60 रन सिर्फ 30 गेंद में – जब आउट हुई तब भारत का स्कोर 9 ओवर में 99/1था और मंधाना जैसी बल्लेबाज़ 35* पर थी।
 
दक्षिण अफ़्रीकी कप्तान सुन लूज हैरान थी स्ट्रोक देखकर और बोलीं- ‘ उसे रोक पाना बड़ा मुश्किल है। ये लड़की इस खेल की एक लेजेंड बनेगी।’ इतना सब कुछ और अभी उम्र 18 साल भी नहीं। इस समय रिकॉर्ड – 22 टी 20 आई में 617 रन 148.31 SR से।देखिए :
*  कम से कम 600 रन बनाने वालों में अकेली जिनका SR 140+ है।
*  कम से कम 22 मैच खेलने वालों में सिर्फ भारत की राजेश्वरी गायकवाड़ का SR (150) उनसे बेहतर।  
*  करियर के पहले 22 मैच में सिर्फ इंग्लैंड की चेरलट एडवर्ड्स के नाम उनसे ज्यादा रन (676)।  
 
ये तीनों रिकॉर्ड  बता देते हैं कि जो दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कहा वह होना बहुत मुश्किल नहीं। उन्हें आज ‘वीरेंद्र सहवाग’ कहते हैं उनकी अटैकिंग बल्लेबाजी देखकर। पिता संजीव वर्मा ने तब ही कह दिया था- “बहुत हैं जो 100 गेंद में  50,70 और 80 मारेंगे।अगर उनसे आगे निकलना है तो अच्छे स्ट्राइक रेट से ढेरों रन बनाने पड़ेंगे।’ आज ये सच साबित हो रहा है।  
 
लॉक डाउन ने महिला क्रिकेट को भी रोक दिया। दक्षिण अफ्रीका के भारत टूर से क्रिकेट की वापसी हुई। शफाली ने तैयारी की मुश्ताक अली टी 20 टूर्नामेंट के लिए ट्रेनिंग ले रही हरियाणा की पुरुष टीम के साथ। पहले ही तय हो गया था कि कोई लिहाज़ नहीं करना है। क्रीज पर उन तेज गेंदबाज़ों के सामने जो 140kph की तेजी दर्ज़ कर रहे थे – मोहित शर्मा, आशीष हुड्डा, अजीत चहल, संजय पहल और अमन कुमार जैसे गेंदबाज।
शफाली वर्मा को बस इतना मालूम था कि गेंद को हिट करना है। उसे ‘टॉम बॉय’ स्टार का टाइटल मिला – अब उसने इसे सुपरस्टार में बदल दिया है। शफाली ने दिखा दिया कि कोई भी लड़की न सिर्फ टॉप पर आने का सपना देख सकती है – उसे पूरा भी कर सकती है।
 
– चरनपाल सिंह सोबती