Olympic Flame Relay- What is the Message to Whole World !!!

25 मार्च से शुरू ओलंपिक मशाल रिले पूरी दुनिया को संदेश देगी –   ये ओलंपिक खेलों का साल और ओलंपिक लौट रहे हैं 

 
विवाद और मुश्किल में फंसे टोकियो ओलंपिक से जुड़े, हर किसी की हर नज़र और उम्मीद टिकी है 25 मार्च से शुरू ओलंपिक मशाल के रिले पर। ये किसी से छिपा नहीं कि जापान में टोकियो ओलंपिक और पैरालंपिक जिन विवाद और मुश्किल का सामना कर रहे हैं, वैसा इससे पहले किसी ओलंपिक के साथ नहीं हुआ। लगभग 4 महीने बचे हैं टोकियो ओलंपिक शुरू होने में पर हर तैयारी को अभी भी इस सवाल ने घेरा हुआ है – क्या वास्तव में ओलंपिक होंगे ? 
 
ऐसे में उम्मीद की हर किरण 25 मार्च से शुरू ओलंपिक मशाल के रिले पर आ टिकी है। ऐसा माना जा रहा है कि ये रिले जापान के ही नहीं दुनियाभर के निराश खेल प्रेमियों में उम्मीद की वह मशाल जलाएगी जिससे टोकियो ओलंपिक कामयाब साबित होंगे। झटका तो अब भी लग रहा है। कुछ दिन पहले कोविड के बढ़ते प्रकोप में जापान ने ओलंपिक और पैरालंपिक मशाल के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगा दी।सरकार ने कहा कि भीड़ रोकने के लिए ये जरूरी था। उस पर खेल शुरू होने की तारीख नज़दीक आ रही हैं – टोकियो ओलंपिक 23 जुलाई  और पैरालंपिक 24 अगस्त से शुरू हैं।
 
ओलंपिक लौ (flame)  ले जाने वाली मशाल रिले 25 मार्च से शुरू है और इसमें चार महीने में 10 हज़ार एथलीट के शामिल होने की उम्मीद है। इसकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां तक कि रिले को ही रद्द करने की बात भी उठ रही है। ऐसे में सवाल ये है कि मशाल रिले के आयोजन पर जो भारी रकम खर्च कर चुके हैं – उसका क्या होगा ?

ओलंपिक मशाल रिले 25 मार्च 2021 को फुकुशिमा प्रान्त में जे-विलेज नेशनल ट्रेनिंग सेंटर से शुरू होगी- पूरे जापान में 121 दिनों में सभी 47 प्रांत में जाएगी। रिले का रूट और प्रोग्राम वही है जो 2020 में होने वाले टोकियो ओलंपिक के लिए बनाया था।2021 का साल 2011 के ग्रेट ईस्ट जापान भूकंप की 10 वीं वर्षगांठ को समर्पित है वहां – इसीलिए ओलंपिक मशाल रिले में इस भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में आम जिंदगी को वापस लाने के लिए की जा रही कोशिशों को प्रदर्शित करना सबसे बड़ा इरादा है। मशाल 23 जुलाई को टोकियो ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में ओलंपिक स्टेडियम में फ्लेम को समय पर रोशन करने के लिए 9 जुलाई को टोकियो पहुंचेगी।
 
जब ओलंपिक 2020 में होने थे तो मशाल रिले में हिस्सा लेने वाले 10 हज़ार एथलीट की लिस्ट फाइनल हो चुकी थी – उस लिस्ट में जिनका नाम है, उन्हें ही इस बार भी रिले में शामिल होने के लिए वरीयता दी जाएगी।ओलंपिक मशाल रिले के ऑफिशियल एम्बेसडर तादाहिरो नोमुरा और तीन बार गोल्ड मैडल जीत चुके साओरी योशिदा ने पिछले साल हिगाशिमासुतिमा शहर, मियागी, जापान में जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के मत्सुशिमा एयर बेस में ओलंपिक फ्लेम जब पहुँची थी तो सब रस्म पूरी की थीं।
 
जापान का रिले को कामयाब और सुरक्षित बनाकर ये दिखाने का लक्ष्य है कि वे सभी के सहयोग से, कोविड के बावजूद वे सबसे फिट ओलंपिक की मेजबानी करेंगे।कुल 15,400 एथलीट के ओलंपिक और पैरालंपिक में शामिल होने की उम्मीद है।
दुबई में बुर्ज़ खलीफा और सिडनी में सिडनी हारबर पर लाइटिंग और आतिशबाज़ी  देखने 31 दिसंबर 2020 की रात को जापान से कोई नहीं गया होगा क्योंकि उन दिनों खुद टोकियो में टोकियो स्काईट्री बिल्डिंग चमचमा रही थी सुनहरी रंग में। ये जापान में सबसे ऊंची मीनार है। ये गोल्ड चमचमाहट नए साल के स्वागत वाली नहीं थी – ये तो वह चमचमाहट है जिसने टोकियो ओलंपिक खेलों के लिए काउंट डाउन शरू कर दिया। जापान में हर कोई जानता है की ये ऐतिहासिक ओलंपिक लाइटिंग देखने का मौका जिंदगी में शायद ही फिर कभी मिले। टोकियो ने ओलंपिक खेलों का स्वागत  शुरू कर दिया । उसी की अगली कड़ी अब ओलंपिक मशाल रिले है।
 
– चरनपाल सिंह सोबती