Interesting , No Cricketers in these BBC (online voting) Awards announced ..

कोई तो ख़ास बात है – तभी तो ये अवार्ड मिला 

रानी रामपाल, कोनेरू हम्पी, मनु भाकर,विनेश फोगट और दुती चंद भारत की अलग अलग खेल की मशहूर महिला खिलाड़ी हैं और नाम कमा रही हैं। इसके आलावा भी इन 5 में एक समानता और वह ये कि इन्हें बीबीसी ने ‘इंडियन स्पोर्ट्स वूमन ऑफ़ द ईयर’ अवार्ड के लिए नामांकित किया (nominated for)।   


रानी रामपाल – भारत की हॉकी टीम की कप्तान

कोनेरू हम्पी – शतरंज खिलाड़ी 
मनु भाकर –  युवा निशानेबाज 
विनेश फोगाट – ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहलवान
दुती चंद – एथलीट जो पिछले साल भी लिस्ट में थी 
विजेता का फैसला बीबीसी के 6 प्लेटफार्म पर पब्लिक ऑन लाइन वोटिंग से इंटरनेशनल वूमंस डे पर हुआ। इस साल एक नया अवार्ड ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर’ भी दिया गया – इसे अवार्ड जूरी ने चुना।एक बड़ी ख़ास बात ये है कि लगातार दूसरे साल कोई क्रिकेटर नामांकित नहीं हुई – बीबीसी ने इसकी कोई ख़ास वजह नहीं बताई ।शायद यह क्रिकेट की तुलना में और दूसरे खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश है। साथ ही बीबीसी ने ‘स्पोर्ट्स हैकाथॉन (Sports Hackathon)’ की शुरूआत भी की – इसमें 50 भारतीय  महिला खिलाड़ियों की 300 से ज्यादा विकिपीडिया एंट्री शामिल की जाएँगी। पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने कहा – ऐसी पहल की सख्त जरूरत थी क्योंकि देश की कई महिला एथलीट के बारे में कोई ख़ास जानकारी ही नहीं मिलती।
 
नतीजा सामने आ चुका है :
इंडियन स्पोर्ट्स वूमन ऑफ़ द ईयर – कोनेरू हम्पी
लाइफटाइम अवार्ड – एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज
इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर –  मनु भाकर 

विजयवाड़ा से कोनेरू हम्पी ने कहा – “यह अवार्ड मेरे लिए ही नहीं, बल्कि पूरी शतरंज बिरादरी के लिए बड़ा कीमती है।एक इनडोर गेम होने के नाते, शतरंज पर भारत में खेल की तरह ध्यान नहीं दिया जाता पर अब मुझे उम्मीद है ,ये खेल भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचेगा।”
बेन स्टोक्स ने युवा निशानेबाज मनु भाकर के नाम की इमर्जिंग प्लेयर-ऑफ-द-ईयर पुरस्कार के तौर पर घोषणा की – भाकर ने 16 साल की उम्र में 2018 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (ISSF World Cup) में दो गोल्ड जीते, इसके बाद यूथ ओलंपिक और कामनवेल्थ खेलों में गोल्ड नए रिकॉर्ड के साथ। उन्होंने कहा – “यह अवार्ड  मेरे लिए बड़ा मायने रखता है। ऐसा लगता है कि मेरी मेहनत को पहचान मिली है और लोग अब इसके बारे में जानते हैं।”
 
अब कुछ ख़ास बात करते हैं कोनेरू हम्पी की। दिसंबर 2019 में ही तो मास्को में फिडे महिला वर्ल्ड रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में टॉप पर रही थीं। ये उनका पहला वर्ल्ड टाइटल था। 31 मार्च,1987 को विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में जन्मी हम्पी इस समय वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 116 हैं- दुनिया की टॉप महिला शतरंज खिलाड़ियों में से एक। बेटी को जन्म देने से भी उनकी शतरंज रुकी नहीं। वे दो महिला ग्रैंड प्री 2019-20 इवेंट, 2020 महिला वर्ल्ड रैपिड शतरंज चैम्पियनशिप और 2020 केर्न्स कप जीत चुकी हैं। नज़र महिला वर्ल्ड चैम्पियनशिप टाइटल पर है।
 
6 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था।15 साल की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर बनी। हौ यिफान ने 2008 में ये रिकॉर्ड तोड़ा। 2003 में अर्जुन अवार्ड और 2007 में पद्मश्री से सम्मानित कोनेरू ओएनजीसी में काम करती हैं। उनके नाम हम्पी (Hampi) की एक कहानी है – ये नाम उनके पिता (कोनेरू अशोक) ने चैंपियन (champion) शब्द से निकाला – ये किसी रूसी नाम से मिलता – जुलता है।अगस्त 2014 में शादी की। उन्होंने 2017 में एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम अहाना है।
– चरनपाल सिंह सोबती