Astonishing ! This Indian sportsman has participated in World Championship 123 times…

आश्चर्यजनक पर सच – इस खिलाड़ी ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 123 बार भारत के लिए हिस्सा लिया : कितने लोग उनका नाम जानते हैं ?

 
ये आश्चर्यजनक रिकॉर्ड स्कीइंग के माहिर आरिफ खान के नाम है। फरवरी के आखिरी हफ्ते में इटली में आरिफ खान ने वर्ल्ड स्कीइंग चैम्पियनशिप में 123 वीं बार भारत का प्रतिनिधित्व  किया। ये चैंपियनशिप 8 से 21 फरवरी 2021 के बीच कोर्टिना डी’एमपेज़ो, इटली में चली।कॉर्टिना ने इससे पहले 1932 और1956 (विंटर ओलंपिक) में वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। 2026 विंटर ओलंपिक की अल्पाइन स्कीइंग इवेंट (Alpine skiing events) यहीं होंगी।  

आरिफ के नाम पर ये कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है पर भारत में स्कीइंग जैसे खेल की कम लोकप्रियता के कारण उनका नाम कहीं चर्चा में ही नहीं आता। आरिफ कश्मीर के बारामूला जिले से हैं। 2005 में इंडियन नेशनल स्कीइंग टीम में पहली बार चुने गए।वैसे 1994 में अपना स्कीइंग सफर शुरू किया था और साउथ एशियाई खेलों में गोल्ड भी जीता। साउथ एशियाई विंटर खेलों में स्लैलम टाइटल भी जीता है। पहली बार 2013 में वर्ल्ड स्कीइंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया था।और भी कई टॉप स्की चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया है। पिछले 12 साल से नेशनल स्की चैंपियन हैं।  

आरिफ स्कीइंग को भारत में एक बड़े और ख़ास खेल के तौर पर देखना चाहते हैं – “मैंने लगभग 45 देशों में स्कीइंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है और उन देशों में स्कीइंग का बुनियादी ढांचा कमाल का है लेकिन यहां कश्मीर में हमें अच्छी ढलान और उपकरण (good slopes and equipments) जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलती।” गुलमर्ग और औली (उत्तराखंड) को छोड़कर, भारत में कोई अन्य विश्व स्तर के स्की रिसॉर्ट नहीं है।यही वजह है कि बहुत कम भारतीय वास्तव में स्कीइंग करते हैं। भारत में सर्दियां भी लंबी नहीं। 
 
आरिफ बोलते नहीं पर मानते हैं कि बुनियादी जरूरतों के अतिरिक्त पैसे की कमी इस खेल को भारत में बड़ा खेल बनने से रोकती है।स्कीइंग कोई सस्ता खेल नहीं। वे खुद सिर्फ 
1.50 लाख रुपए की कमी के कारण साउथ कोरिया में विंटर ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। तब क्वालीफाई करने के लिए आरिफ को 5 चैंपियनशिप में हिस्सा लेना था जनवरी 2018 में। तुर्की, बुल्गारिया, नॉर्वे और स्वीडन में तो हिस्सा लिया पर ईरान में चैंपियनशिप खराब मौसम की वजह से रद्द  हो गई।अब एक ही रास्ता था – स्विट्जरलैंड में आखिरी बची  चैंपियनशिप में हिस्सा लें। इसके लिए खर्चे में 1.5 लाख रुपए की कमी थी – अपने परिवार और दोस्तों से पहले ही इतना मांग चुके थे कि और मांगने की हिम्मत नहीं थी और रह गए।ऐसे पैसे की कमी के कई किस्से हैं।उनके पिता गुलमर्ग में एक टूर कंपनी और स्की शॉप चलाते हैं। बड़े परिवार का खर्चा – तब भी आरिफ की मदद करते हैं।   
 
अब उनका अगला बड़ा इरादा है 2022 में चीन में विंटर ओलंपिक में हिस्सा लेना और इसके लिए वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।यही बात अब भी है- बीजिंग विंटर ओलंपिक की तैयारी के लिए पैसा चाहिए। किट और ट्रेनिंग इसमें सबसे बड़े खर्चे हैं।वे कहते हैं कि खुद ज्यादा खर्चा नहीं करते पर चूँकि भारत में पूरे साल ट्रेनिंग के लिए सही बर्फ नहीं मिलती इसलिए यूरोप जाना पड़ता है। महंगे खेल सामान की जरूरत है। स्की और स्नोबोर्ड इंडिया फेडरेशन आरिफ के लिए पैसा जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

कोचिंग में भी वे पैसा बचाते हैं – जिनसे कोचिंग लेते हैं,उन्हीं के पास असिसटेंट के तौर पर काम कर लेते हैं। वे कहते हैं जब तक प्राइवेट सेक्टर इस खेल को बढ़ावा नहीं देगा, मुश्किल बनी रहेगी। वे दो क्लास की इवेंट में हिस्सा लेते हैं : स्लैलम (slalom) और विशाल स्लैलम (giant slalom)। दोनों में 90 किमी / घंटा की तेजी से पोल से गुजरते हुए स्कीइंग डाउनहिल (skiing downhill) और क्रिस क्रॉसिंग (criss-crossing) शामिल है।
 
आरिफ खान चार साल की उम्र से स्कीइंग कर रहे हैं।12 साल की उम्र में अपनी पहली नेशनल चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और स्लैलम में गोल्ड जीता।15 साल का होने से पहले  एशियन जूनियर अल्पाइन स्की चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और 17 साल की उम्र  में चीन के चांगचुन एशियाई खेलों में टॉप 15 स्कीयरों में से एक थे। उनके पास  नेशनल स्तर पर 13 मैडल हैं और इंटरनेशनल स्तर पर दो गोल्ड।अब गुलमर्ग के आरिफ की नज़र बीजिंग में मैडल पर है- उन्हें उम्मीद है फरवरी 2022 में चीन में तिरंगा फहराएंगे। 
 
– चरनपाल सिंह सोबती 
Feature Image by Oleksandr Pyrohov from Pixabay