Yoga is not just a Fitness thing but a Sport now ! What are likely Categories of Competitions …

अब योग सिर्फ फिटनेस मंत्र नहीं, खेल है  

आम तौर पर योग का जिक्र आते ही ये समझा जाता है कि सिर्फ फिटनेस की बात हो हो रही है। 21 जून को इंटरनेशनल योग डे की बदौलत योग को पूरी दुनिया में फ़ैलाने की जो कोशिश हो रही है उसमें भी यही समझा जाता है कि फिटनेस के लिए योग जरूरी है।असल में योग, सदियों पुराना, हमारी रोज़ की जिंदगी में एक तरह से शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक तरीका है। इंटरनेशनल योग डे 2021 की थीम है :

 
• “योग वह रोशनी  है, जिसे आप एक बार जलाएं तो कभी धीमी नहीं होगी – जितना ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, उतनी चमक बढ़ेगी।”
• “योग आपको ठीक करने की अचूक दवा है।”
• “योग ने जीवन जीने के लिए हमें चुना है।”
• “जहाँ कुछ भी काम नहीं करता है, योग करता है।”
अब योग इससे आगे निकल आया है। भारत की स्पोर्टस मिनिस्ट्री ने औपचारिक तौर पर योगासन को एक मुकाबले वाले खेल के तौर मान्यता दे दी है। खेल मंत्री किरेन रिजिजू और आयुष मंत्री (Ayurveda Yoga and Naturopathy Unani Sidda Homoeopathy) श्रीपद येसो नायक ने एक साथ इसकी घोषणा की और उम्मीद जाहिर की कि यह कदम योग को बढ़ावा देने, इसके फायदे के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। कहा गया – ‘आज एक बड़ा दिन है, हम इसे औपचारिक तौर पर एक मुकाबले वाले खेल के रूप में शुरू कर रहे हैं और यकीन है कि यह सफर और बेहतर होता जाएगा।’

 
योग गुरु बाबा रामदेव की अध्यक्षता में एक इंटरनेशनल योगासन खेल फेडरेशन (International Yogasana Sports Federation) तो  पहले ही बना ली थी।अब एक नेशनल योगासन स्पोर्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया (National Yogasana Sport Federation of India- NYSFI) भी बना ली है और इसे नेशनल स्पोर्ट फेडरेशन (National Sports Federation) के तौर पर मान्यता भी दे दी है। अब इस फेडरेशन को खेल के तौर पर सरकारी मदद मिला करेगी ताकि ये आने वाले साल में अपनी अलग अलग स्कीम को पूरा कर सके।इसमें सालाना ट्रेनिंग और अन्य आयोजन के लिए मदद शामिल है।  
 
अब योग को खेलो इंडिया स्कूल और यूनिवर्सिटी गेम्स में भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए 4 इवेंट और 7 केटेगरी में 51 मैडल के साथ सिलसिला शुरू होगा।इसमें पारंपरिक योगासन, कलात्मक योगासन (सिंगल्स और डबल्स), लयबद्ध योगासन(डबल्स,फ्री फ्लो / ग्रुप योगासन), व्यक्तिगत आल राउंड-चैंपियनशिप और टीम चैम्पियनशिप (traditional yogasana, artistic yogasana (single and pair) , rhythmic yogasana (pair, free flow/group yogasana), individual all round-championship and team championship) शामिल हैं।एक पायलट चैम्पियनशिप – नेशनल इंडिविजुअल योगासन स्पोर्ट चैंपियनशिप (National Individual Yogasana Sport Championship) – जल्दी ही आयोजित करने का इरादा है। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट,स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी।एक नया स्वचालित स्कोरिंग सिस्टम (automated scoring system) भी तैयार कर लिया  है।
 
इसमें कोई शक नहीं कि योग को एक मुकाबले वाला खेल बनाने से इसके अभ्यास को प्रोत्साहित करने और लोगों की शारीरिक और मानसिक बेहतरी में मदद में कामयाबी मिलेगी।योगासन को ओलंपिक जैसे इंटरनेशनल खेल आयोजन का हिस्सा बनाने से भारतीय योग और इसके अनगिनत स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने का मौका मिलेगा। स्पष्ट है सरकारी खेल अवार्ड में भी अब योग के खिलाड़ी हिस्सेदार होंगे।कोशिश अच्छी है और अब देशवासियों को इस कोशिश को कामयाब बनाना है। 
 
– चरनपाल सिंह सोबती 
Feature Image – By Gerd Altmann from Pixbay