These Indian Boxers have already qualified for Olympics in Japan!

ज़र ओलंपिक पर और भारतीय बॉक्सर  की आखिरी तैयारी  यूरोप टूर से शुरू 
 
बॉक्सिंग उन कुछ खेलों में से एक है जिनमें भारत की नज़र ओलंपिक मैडल पर है।इसीलिए तैयारी पर ज्यादा ध्यान है।सोफिया, बुल्गारिया में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित हो रहा है स्ट्रैंड्जा मेमोरियल का 72 वां टूर्नामेंट – इसे सीजन-ओपनर माना जाता है। ये यूरोपीय सर्किट में सबसे पुराने बॉक्सिंग टूर्नामेंट में से एक है और भारत भी इसमें हिस्सा ले रहा है। भारतीय बॉक्सर के लिए ये बड़ा ख़ास टूर्नामेंट है क्योंकि कोविड के बाद अपनी ओलंपिक तैयारियों को पटरी पर लाने के लिए, भारतीय बॉक्सर अगले कुछ महीनों में कई यूरोपीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का सिलसिला इसी टूर्नामेंट के साथ शुरू करेंगे। बुल्गारिया में स्ट्रैंड्जा मेमोरियल और उसके बाद 1 मार्च से कास्टेलॉन, स्पेन में बॉक्सम इंटरनेशनल टूर्नामेंट। एमसी मैरीकॉम कास्टेलॉन के टूर्नामेंट के साथ ही एक्शन में नजर आएंगी। इसके अलावा नेशनल कैंप होगा बेंगलुरु में।संभव है कुछ विदेशी टीम भी भारत आएं।सोफ़िया के लिए रवाना  होने से पहले बॉक्सर बेल्लारी के  Inspire Institute of Sports  में थे। हर किसी ने अलग अलग अंदाज़ में तैयारी शुरू की है।
 
भारत ने पिछले साल नवंबर-दिसंबर से ही ओलंपिक को नज़र में रखकर तैयारी शुरू कर दी थी –  बॉक्सर लगभग दो महीने यूरोप में थे और दो  टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इनमें से एक  जर्मनी में कोलोन वर्ल्ड कप था – इसमें भारत ने 9 मैडल जीते (3 गोल्ड + 2 सिल्वर + 4 ब्रॉन्ज़)।इससे  मुकाबले में आने की आदत में आए। इस में मेजबान के साथ बेल्जियम, क्रोशिया, डेनमार्क, फ्रांस, मोल्दोवा, नीदरलैंड, पोलैंड और यूक्रेन के बॉक्सर शामिल थे। वहां महिला बॉक्सर सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) और मनीष (57 किग्रा) ने गोल्ड  जीता।मनीष ने अपनी ही टीम की साक्षी को  हराया जबकि सिमरनजीत ने जर्मनी की माया कॉलिनहेंस को। भारत ने 3 गोल्ड,2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज़ जीते थे।एशियाई चैंपियन अमित पंघाल (52 किग्रा) ने पुरुषों में अकेला गोल्ड जीता था – फाइनल में वॉकओवर की बदौलत ।
 
स्ट्रैंड्जा मेमोरियल बुल्गारिया में हर साल आयोजित होने वाला इंटरनेशनल एम्योचर बॉक्सिंग टूर्नामेंट है और ख़ासियत ये कि अक्सर ओलंपिक साल में इसी से तय होता है कि  समर ओलंपिक खेलों के लिए किस किस ने क्वालिफाई किया। स्ट्रैंड्जा कप का पहला टूर्नामेंट 1950 में सोफिया में आयोजित हुआ था। 
 
अगर स्ट्रैंड्जा मेमोरियल बॉक्सिंग में भारत का पिछले साल का रिकॉर्ड देखें तो पता लगता है कि 2020 में  मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) ने सिल्वर तथा पूर्व वर्ल्ड सिल्वर विजेता सोनिया लाथेर (57 किग्रा)और चार बार के एशियाई मैडल विजेता शिवा थापा (63 किग्रा) ने ब्रॉन्ज़ जीते थे। इस तरह भारत ने 3 मैडल जीते।टूर्नामेंट में 30 से ज्यादा देशों के 200 से 
ज्यादा बॉक्सर शामिल थे। रूस 9 मैडल (5 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज़) के साथ टॉप पर रहा। भारतीय बॉक्सर अमित पंघाल टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल बॉक्सर में से एक रहे हैं क्योंकि उन्होंने लगातार 2018 और 2019 में 52 किग्रा में गोल्ड जीता था।
 
भारत के नज़रिए से मौजूदा स्थिति ये है कि 9 बॉक्सर – अमित पंघाल (52 किग्रा), मनीष कौशिक (63 किग्रा), विकास कृष्णन (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सतीश कुमार (+ 91 किग्रा), एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लोवलिना बोर्गोहिन (69 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
 
– चरनपाल सिंह सोबती 
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