Sports budget in Olympic Year! Will it impact India”s performance?

ओलंपिक साल में कोविड का असर बजट में खेलों की हिस्सेदारी पर भी 
2021-22 के लिए केंद्रीय बजट में खेलों के लिए 2,596.14 करोड़ रुपये रखे गए हैं जो पिछले साल के बजट से 230.78 करोड़ रुपये या 8.16 प्रतिशत कम हैं।ओलंपिक साल में ऐसी कमी हैरानी वाली लग सकती है पर सच ये है कि कोविड और वास्तविक खर्चे दोनों को ध्यान में रखा गया। एक समय था जब खेलों के लिए अलग से कोई बजट ही मंज़ूर नहीं होता था। भारत उस दौर से बहुत आगे आगे निकल आया है। ये भी सच है कि 2020-21 में खेलों के लिए मंज़ूर बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हुआ क्योंकि कोविड के कारण खेल बुरी तरह प्रभावित हुए। देखिए किसके हिस्से में क्या आया :
* युवा मामले और खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) : बजट में मिले 2,596.14 करोड़ रुपये – जो पिछले बजट में मिले 2,826.92 करोड़ रुपये से 230.78 करोड़ रुपये कम। सच ये है कि चूंकि ट्रेनिंग और आयोजन दोनों रुके तो मंजूर बजट भी घटाकर 1,800.15 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इस तरह वास्तव में 795.99 करोड़ रुपये ज्यादा मिले।  खेल मंत्रालय ओलंपिक में हिस्सा लेने सहित सभी विदेशी ट्रेनिंग और टूर्नामेंट का खर्च उठता है ।

* राष्ट्रीय खेल महासंघ (National Sports Federations) और भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) को टोकियो ओलंपिक की तैयारियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा बजट मिला है।  राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) : बजट में मिले 315 करोड़ रुपये- जो पिछले बजट में मिले 280 करोड़ रुपये से 35 करोड़ रुपये ज्यादा। सच ये है कि पिछले साल चूंकि ट्रेनिंग और आयोजन दोनों रुके तो मंजूर बजट भी घटाकर 55 करोड़ रुपये कम कर दिया गया था। खेल मंत्रालय के सूत्रों ने ये भी कहा कि टोकियो ओलंपिक के लिए एथलीटों को तैयार करने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी क्योंकि उनका ट्रेनिंग प्रोग्राम तो पहले से ही चल रहा है ।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) : बजट में मिले 660 करोड़ रुपये- जो पिछले बजट में घटाए 500 करोड़ रुपये बजट से 160 करोड़ रुपये ज्यादा।SAI नेशनल कैंप के इंतज़ाम के लिए एक नोडल संस्था है, जो देश के खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ढांचा, उपकरण और अन्य लॉजिस्टिक्स जुटाता है।


* खेलो इंडिया (Khelo India) प्रोग्राम : बजट में मिले 657.71 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 890.42 करोड़ रुपये से 232.71 करोड़ रुपये कम। ऐसा इसलिए हुआ  क्योंकि पिछले साल ट्रेंनिग प्रोग्राम तो कम हुए और बजट का ज्यादा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल किया गया। साथ ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स को भी 2021 के  लिए स्थगित कर दिया था।
* राष्ट्रीय खेल विकास कोष (National Sports Development Fund) : बजट में मिले 25 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 50 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये कम। यह पैसा ओलंपिक पोडियम योजना (Target Olympic Podium Scheme) के तहत एथलीटों की ख़ास ट्रेनिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च किया जाता है।  
* खिलाड़ियों को प्रोत्साहन (Incentives to Sportspersons) : बजट में मिले 53 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 70 करोड़ रुपये से 17 करोड़ रुपये कम।इस पैसे से एथलीटों को नकद इनाम और स्कॉलरशिप दी जाती है। 
* 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स-एसएआई स्टेडियम नवीनीकरण (Commonwealth Games-SAI stadia renovation) : बजट में मिले 30 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 75 करोड़ रुपये से  45 करोड़ रुपये कम  ।
* खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय कल्याण कोष (National Welfare Fund for Sportspersons) :बजट में मिले 2 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 2 करोड़ रुपये के बराबर।
* जम्मू और कश्मीर में खेल सुविधाएँ (Sports facilities in Jammu and Kashmir.)   :बजट में मिले 50 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 50 करोड़ रुपये के बराबर।
* लक्ष्मी बाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (Laxmi Bai National Institute of Physical Education) : बजट में मिले 55 करोड़ रुपये- पिछले बजट में मिले 55 करोड़ रुपये के बराबर।
* वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (World Anti-Doping Agency -WADA) में योगदान :बजट में मिले 2.5 करोड़ रुपये- जो पिछले बजट में  मिले 2 करोड़ रुपये बजट से 50 लाख रुपये ज्यादा ।
 2021 टोकियो ओलंपिक का साल है।ओलंपिक जो पिछले साल 24 जुलाई से 9 अगस्त तक होने थे अब इस साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे।


– चरनपाल सिंह सोबती

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