Has Olympic Countdown started?

टोकियो स्काईट्री पर गोल्ड चमचमाहट ने टोकियो ओलंपिक काउंट डाउन शरू कर दिया 
 
इन दिनों जापान में सबसे ऊंची मीनार टोक्यो स्काईट्री गोल्ड रंग में चमचमा रही है। ये न तो क्रिसमस के लिए और न ही नए साल के स्वागत के लिए की गई लाइटिंग है। ये एक तरह से   टोकियो ओलंपिक के लिए काउंट डाउन की शुरूआत है। टोकियो स्काईट्री पर गोल्ड चमचमाहट शुरू हुई 15 दिसंबर को और ये तारीख बड़ी ख़ास है क्योंकि इससे ठीक 100 दिन बाद यानि कि 25 मार्च 2021 को ओलंपिक टॉर्च यानि कि ओलंपिक मशाल रिले शुरू होगी- फुकुशिमा के पूर्वी इलाके से। अगर ओलंपिक स्थगित न होते और तय प्रोग्राम के हिसाब से 2020 में ही आयोजित हो जाते तो भी टॉर्च रिले को यहीं से शुरू किया जाना था। 
 
 ये जापान का वही तटीय इलाका है जो लगभग 10 साल पहले एक भूकंप और सुनामी और तीन परमाणु रिएक्टरों के असर से लगभग तबाह हो गया था। रिले पूरे जापान में यात्रा करेगी और इसमें 10,000  रनर और हजारों ऑफिशियल शामिल होंगे। इसमें स्थानीय लोग शामिल नहीं हैं जो मशाल को उसके सफर में देखेंगे। इस रिले के स्पांसर टोयोटा और कोका-कोला हैं – दोनों सबसे बड़े ओलंपिक स्पांसर में से हैं। रिले 121 दिनों तक चलेगी और 859 म्युनिस्पेलिटी से होकर गुजरेगी ।
 

अब 2021 में ओलंपिक 23 जुलाई को शुरू होने हैं। जब टोकियो को ओलंपिक का आयोजन मिला था और अब जबकि ओलंपिक शुरू होने के दिन नजदीक आ रहे हैं – इस बीच बहुत कुछ बदल चुका है। टोकियो ओलंपिक की तैयारी में कोविड के बारे में तो किसी ने सोचा भी नहीं था। कोविड के कारण ही ओलंपिक  2020 मेँ नहीं हो पाए थे।मुख्य ओलंपिक में 11,000 एथलीट और इनके साथ पैरालिम्पिक्स में 4,400 एथलीट यानि कि एक बड़ा खेल मेला होंगे ओलंपिक और जापान तैयार है इन सभी के स्वागत के लिए।

 

इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को पूरी उम्मीद है कि ओलंपिक शरू होने के समय तक विश्व पर कोविड का असर कम हो चुका होगा और एथलीट ओलंपिक में उसी जोश से हिस्सा लेंगे जैसे कि अब तक लेते आए हैं। वेक्सीन के आने की उम्मीद ने इस संभावना को और बढ़ा दिया है। वैसे अभी तक खुद जापान को कोविड से मुक्ति नहीं मिली है। वहां पिछले दिनों, एक दिन में 3000+ केस का रिकॉर्ड पहली बार बना।125 मिलियन की आबादी वाले जापान में इस वायरस से 2,500 से ज्यादा मौत हो चुकी हैं। 
 
पिछले साल हालाँकि कोविड  के कारण मार्च में मशाल के रिले को स्थगित करने का फैसला हो गया था, तब भी अप्रैल के महीने में फुकुशिमा में जे-विलेज नेशनल ट्रेनिंग सेंटर में ओलंपिक  फ्लेम का प्रदर्शन किया गया। ऐसा माना गया कि ये जापान के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश, 2011 के भूकंप और सुनामी से देश के निकल आने के प्रतीक और पूरी दुनिया के सभी देशों के लिए इस सबसे चुनौती वाले समय में आशा का प्रतीक होगी। टोकियो 2020 ओलंपिक फ्लेम को ग्रीस में जलाया गया था और ये 20 मार्च को जापान के मैत्सुशिमा, मियागी प्रान्त में जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स एयर बेस पर पहुंची थी ।
 
आधुनिक खेलों के संदर्भ में, ओलंपिक फ्लेम उन सकारात्मक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है जो हमेशा आग से जुड़े रहे हैं। फ्लेम की शुद्धता की गारंटी के लिए इसे सूरज की किरणों से जलाया जाता है। इसे ओलंपिया से लाने से प्राचीन और आधुनिक खेलों के बीच आपसी नाता जुड़ जाता है।
 
– चरनपाल सिंह सोबती