Advantage for this Indian Woman Tennis Star and Likely Partner of Sania Mirza… in Olympics

अब अंकिता की हसरत है सिंगल्स में टॉप 100 में आने की 
 
भारत की टॉप टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना ने एक्टरीन जोरगोजे के साथ दुबई में अल हैबटूर चैलेंज जीता-  इस कोविड से प्रभावित 2020 सीजन का उनका तीसरा डबल्स  खिताब।एक लाख अमेरिकी डॉलर हार्ड कोर्ट चैंपियनशिप के फाइनल में इस इंडो-जॉर्जियाई जोड़ी ने स्पेन और स्लोवाकिया की काजा जुवन- बोलासोवा के खिलाफ 6-4,3-6,10-6 से जीत दर्ज की।अंकिता के लिए यह सीजन का चौथा डबल्स फाइनल था लेकिन पहले दो खिताब 25,000 डॉलर स्तर के थे – इस साल फरवरी में तीन फाइनल खेले जिनमें से बिबियाने शॉफ्स के साथ नोंथबुरी (थाईलैंड) में बैक-टू-बैक खिताब जीते और जोधपुर में अपने ही देश की स्नेहल माने के साथ फाइनल हारी थीं ।


अंकिता मानती हैं कि सिंगल्स सर्किट में कामयाबी को ज्यादा भाव दिया जाता है,लेकिन डबल्स में भी कामयाबी कोई कम नहीं होती। सिंगल्स में 180 रैंक और डबल्स में 117 रैंक के बाद अब वे सिंगल्स में अपनी रैंक बेहतर बनाना चाहती है। सानिया मिर्जा के साथ डबल्स में अगले साल के ओलंपिक में खेलने की भी संभावना है। इसके लिए सानिया को अपनी वर्ल्ड नंबर 9 रैंकिंग का फायदा उठाना होगा क्योंकि वे टोकियो लिए पसंद का साथी चुन सकती हैं। कुल मिलाकर अंकिता ने आईटीएफ सर्किट पर 11 सिंगल्स और 18 डबल्स टाइटल जीते हैं। अप्रैल 2018 में पहली बार टॉप 200 सिंगल्स रैंकिंग में जगह बनाई थी- यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की सिर्फ पांचवीं खिलाड़ी। रैना ने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड  भी जीता है जबकि 2018 एशियाई खेलों में सिंगल्स में ब्रॉन्ज़ जीता।फेड कप में अंकिता का जीत / हार का रिकॉर्ड 23-17 है।  


27 वर्षीय अंकिता को जब लॉक डाउन के लंबे ब्रेक के बाद सर्किट में वापसी का मौका मिला तो इस बात की खुशी थी कि फिर से ट्रेनिंग/ यात्रा कर पा रही हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान, अंकिता को यूएस सर्किट  में खेलने का मौका मिला।इस साल अगस्त से, अंकिता ने 6 देशों की यात्रा की,10 टूर्नामेंट खेले और कम से कम 40 कोविड -19 टेस्ट कराए। इस सीजन में 5 ITF खिताब जीते, जिनमें से तीन डबल्स हैं जिनका जिक्र ऊपर हो चुका है। 

 
दुबई की इस आखिरी जीत की एक और मजेदार बात ये है कि मुकाबले के लिए नाम देने की आखिरी सीमा से दो घंटे पहले तक अंकिता के पास कोई पार्टनर नहीं था। अचानक ही जोड़ी बनी और फिर टाइटल जीत लिया। हालाँकि इस जोड़ी के चक्कर में अंकिता को अपने मजबूत बैकहैंड साइड से ड्यूस कोर्ट में स्विच करने की चुनौती मिली क्योंकि जॉर्जियाई साथी एक्टरीन जोरगोजे खब्बू है और एड साइड पर ज्यादा आराम से खेल रही थी। अंकिता टूर्नामेंट में सिर्फ साइन इन के लिए नहीं, जीतने के लिए खेलना चाहती है और शुरू से यही पालिसी रही है।
 
अंकिता पुणे में PYC हिंदू जिमखाना में हेमंत बेंद्रे  की ट्रेनी रही हैं।अब अर्जुन काधे उनके कोच हैं और ट्रेनर और हिटिंग पार्टनर भी।
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अंकिता रविंद्रकृष्ण रैना का जन्म 11 जनवरी 1993 को गुजरात में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उसका मध्यवर्गीय परिवार कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल शहर से है। हिंदी,गुजराती और अंग्रेजी बोलती हैं। पुणे में बृहन् महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई की।रोजर फेडरर,राफेल नडाल,सेरेना विलियम्स और सानिया मिर्जा उनके आयडल हैं।2013 में, रैना की उस समय गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने उन्हें शक्तिधूत स्कीम में जगह दिलाई और वे ओलंपिक पोडियम तक पहुंचने के भारत के लक्ष्य का हिस्सा बनीं।
– चरनपाल सिंह सोबती
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