क्वारंटीन और बायो बबल से खिलाड़ी पर मनोवैज्ञानिक असर को समझने की जरूरत है

क्वारंटीन और बायो बबल से खिलाड़ी पर मनोवैज्ञानिक असर को समझने की जरूरत है 

 
इन दिनों बायो बबल के अंदर खिलाड़ी आईपीएल में खेल रहे हैं।शुरू में दिक्कत आईं पर अब जबकि आईपीएल हो रही है तो ऐसा लगता है कि कोविड 19 का असर/प्रकोप ही एकदम ख़त्म हो गया।बात इतनी आसान नहीं है।क्वारंटीन में दिन बिताना और उसके बाद बायो बबल में सभी से अलग, परिवार से दूर पूरी सीरीज/ टूर्नामेंट के दौरान रहना आसान नहीं है। अभी खिलाड़ियों के डिप्रेशन को पूरी तरह से समझे भी नहीं थे कि क्वारंटीन और बायो बबल के मनोवैज्ञानिक असर को समझने की जरूरत सामने आ गई है। 
 
जरा ध्यान दीजिए।अभी इंग्लैंड की वेस्टइंडीज के विरुद्ध इस सीजन की सीरीज शुरू ही हुई थी कि जोफ्रा आर्चर अपने ऊपर काबू नहीं रख पाए और बायो बबल को तोड़ दिया। इस बात की भी चिंता नहीं की कि ये गलती न सिर्फ इस सीरीज,पूरे इंग्लिश क्रिकेट सीजन को चौपट कर सकती थी।यूएई पहुँचते ही,जब आईपीएल में खेलने वाले सिर्फ 6 दिन के क्वारंटीन में थे तो महेंद्र सिंह धोनी और मोहम्मद शमी दोनों ने कहा कि 6 दिन का एक कमरे में बंद क्वारंटीन,लॉक डाउन के 4 महीने से भी ज्यादा मुश्किल था। 
 
डेविड वार्नर कप्तानी कर रहे हैं सन राइजर्स हैदराबाद की पर ये समझने में ज्यादा देर नहीं लगेगी कि वार्नर वह खिलाड़ी नज़र ही नहीं आ रहे, जिस क्रिकेट के लिए वे मशहूर हैं।ये लंबे क्वारंटीन और बायो बबल के मनोवैज्ञानिक दबाव का असर है।इंग्लैंड में खेले और फिर बायो बबल में ही आईपीएल में आ गए। सच तो ये है कि एक बार तो वार्नर ने आईपीएल को छोड़ देने के बारे में में सोचना शरू कर दिया था।
जरा सोचिए जो ऑस्ट्रेलियाई आईपीएल में  नहीं खेले वे कहाँ बचे? भारत के विरुद्ध सीरीज के लिए वे सीधे होटल भेजे गए और बायो बबल में हैं।तब तक रहेंगे जब तक सीरीज चलेगी। डेविड वार्नर ने कह दिया है कि इतना दबाव वे नहीं झेल सकते और बिग बैश लीग में नहीं खेलेंगे। 
 
क्या अब भी क्वारंटीन और बायो बबल में खेलना आसान लग रहा है? इसलिए क्रिकेटर, कोई सीरीज हो या आईपीएल जैसा टूर्नामेंट,उसमें इनके  मनोवैज्ञानिक दबाव  को भी झेल रहे हैं।  ये सब ज्यादा नहीं चलेगा।ये सोचना बिलकुल गलत होगा कि कोविड 19 का असर ख़त्म और क्रिकेट को सही राह मिल गई है।टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी और कोच रवि शास्त्री और अन्य सपोर्ट स्टाफ दुबई में 6 दिन के क्वारंटीन और बायो बबल से ऑस्ट्रेलिया टूर को शुरू कर देंगे पर क्या ये आसान होगा? जो आईपीएल में खेल रहे हैं उनके लिए तो   क्वारंटीन और बायो बबल और भी लंबा होगा। क्रिकेटरों को इस दबाव से बचाना होगा 
 
– चरनपाल सिंह सोबती  
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