IPL  जैसा जोश ओलंपिक्स के दिनों में भी देखने को मिले तब ही तो मैडल बढ़ेंगे

 
बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने इंडियन प्रीमियर लीग यानि कि आईपीएल के इस 13 वें टूर्नामेंट के पहले मैच के व्यूअरशिप आंकड़े देते हुए बताया कि ये उद्घाटन मैच  20 करोड़ लोगों द्वारा देखा गया।यह किसी भी देश में किसी भी खेल लीग के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग डे व्यूअरशिप है।ये मैच मुंबई इंडियंस ने 19 सितंबर को चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध अबू धाबी में खेला था । जब भारत के खिलाड़ी , किसी भी और खेल में या ओलंपिक में हिस्सा  लेते हैं तो क्या आप व्यूअरशिप  के ऐसे रिकॉर्ड के बारे में सोच भी सकते हैं ? जवाब – कतई नहीं।
 
यूं तो  आईपीएल 2020 का हर मैच बेहतरीन बल्लेबाज़ी की मिसाल बन रहा है , पर अगर भारत के युवा खिलाड़ियों की बात करें तो अब तक के मैचों में उन देवदत्त पडिक्कल और  राहुल तेवतिया का नाम हर किसी जुबान पर है , जिनका आईपीएल  शुरू होने से पहले कहीं जिक्र ही नहीं था। उनके बारे में ज्यादा बातें मालूम होना तो बहुत दूर की बात है। आज इनके बारे में ही नहीं , इनके परिवार के बारे में भी सभी को सब कुछ मालूम है। इसका नतीजा ये कि आज देश में हर युवा क्रिकेट प्रेमी देवदत्त पडिक्कल और राहुल तेवतिया  जैसी कामयाबी हासिल करना चाहता है। बात यहीं ख़त्म नहीं होती। इनकी चर्चाएं कई बच्चों में ये जोश पैदा कर रही होंगी कि वे  भी क्रिकेट खेलें और ऐसे कामयाब बनें। ये होता है माहौल का सबसे बड़ा फायदा। इसी से कल के धोनी और विराट कोहली मिलेंगे। ऐसा ओलंपिक के दिनों में क्यों नहीं होता ?
 
आईपीएल टीमों का काफिला दुबई पहुँचते ही  चेन्नई सुपर किंग्स के 13 स्टाफ , जिनमें से 2 खिलाड़ी थे , के कोविड की चपेट में आने के मसले ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया। कहीं ऐसा तो नहीं कि इस वजह से  आईपीएल ही रूक जाए ? इन कोविड पॉजिटिव दोनों खिलाड़ियों का नाम हर कोई गिना देगा। क्या ऐसी ही सही जानकारी देश के खेल प्रेमी उन हॉकी खिलाड़ियों के बारे में देंगे जो बंगलूरू में SAI  के कैंप के दौरान कोविड पॉजिटिव निकले और हालत इतनी ख़राब रही कि अस्पताल तक ले जाना पड़ा। बड़ा मुश्किल होगा इन 6 का नाम बताना क्योंकि इन्हें चर्चा कहाँ मिलती है ? ये 6 खिलाड़ी कप्तान मनप्रीत सिंह, डिफेंडर सुरेंद्र कुमार, जसकरन सिंह, वरुण कुमार, गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक और स्ट्राइकर मंदीप सिंह थे। तो नए मनप्रीत और सुरेंद्र बनने का जोश नए खिलाड़ियों में कहाँ से आएगा ?दुबई से क्वारंटीन  की ख़बरें आती रहीं , इनकी  अस्पताल से बस रिलीज होने की खबर कहीं कहीं छपी। 
 
खेलों में कामयाबी मिलती है सही माहौल से। भारत  की आबादी 1.3 बिलियन से  ज्यादा है, देश  दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकॉनमी में से एक है और 100 से  ज्यादा  अरबपति हैं यहाँ।  पिछले ओलंपिक में 1 सिल्वर  और 1  ब्रॉन्ज़ जीता। पिछले 50 वर्षों में सिर्फ  2 गोल्ड  जीते हैं। इसके उलट ऑस्ट्रेलिया ने पिछले  खेलों में 29 पदक जीते और पिछले 50 वर्षों में 96 गोल्ड जीते हैं। इन दोनों की आपस में तुलना एक स्टडी में इसलिए की गई क्योंकि दोनों में दो  बड़ी समानता हैं – एक क्रिकेट और दूसरी ब्रिटिश राज ।  भारत में क्रिकेट में सब भूल गए, ऑस्ट्रेलिया में नहीं। 
– चरनपाल सिंह सोबती