टेस्ट करियर के इन दो पहलू ने चेतन चौहान को खास और अलग बनाया – by Charanpal Sobti

भूतपूर्व टेस्ट क्रिकेटर चेतन चौहान के निधन के बाद  खास तौर पर उनके टेस्ट करियर के बारे में बहुत कुछ लिखा गया। 7 वन डे इंटरनेशनल में 21.85 औसत से 153 रन बनाए पर उनका कहीं जिक्र नहीं हुआ। असल में उन्हें पहचाना ही 3-5 दिन वाली क्रिकेट के लिए गया। अगर टेस्ट की बात करें तो 40 टेस्ट में 31.57 औसत से 2084 रन।

ये रिकाॅर्ड कतई ऐसा नहीं कि कोई भी विषेशज्ञ उन्हें भारत की  आल टाइम टेस्ट इलेवन में ओपनर के तौर पर शामिल करेगा। इसके बावजूद वे खास थे क्योंकि जिस दौर में वे खेले, तब उनका योगदान लाजवाब है। इस चर्चा के दो पहलू हैं।

सुनील गावस्कर के कामयाब जोड़ीदार: सुनील गावस्कर खुद महान ओपनर रहे पर अपने टेस्ट करियर में जैक हाॅब्स-हरबर्ट सटक्लिफ, गोर्डन ग्रीनिज-डेसमंड हेंस और मैथ्यू हेडेन-जस्टिन लेंगर जैसी कोई जोड़ी नहीं बनाई। यहां तक कि गावस्कर के 1971 में टेस्ट क्रिकेट में आने के बाद अगले कई साल तक उनके लिए एक अच्छा ओपनर जोड़ीदार ढूंढा जाता रहा। दूसरे सिरे पर ओपनर लगातार बदलते रहे।

चेतन चौहान ने ये सिलसिला रोका। अब गावस्कर के साथ साथ ओपनिंग पार्टनरशिप की चर्चा होती थी। गावस्कर को ऐसा ओपनर मिला जिसने न तो गावस्कर से उनकी मशहूरी छीनी, न गेंद खेलने का मौका छीना और न ही गावस्कर की क्रिकेट स्टाइल को प्रभावित किया। जब ओपनर जोड़ी जमे तो दोनों बल्लेबाजों को बड़े स्कोर का मौका मिलता है और आगे के बल्लेबाजों का काम आसान हो जाता है। इसलिए नई गेंद की चमक उतारने में उन्होंने गावस्कर का खूब साथ दिया।

इसलिए 59 पारी में इस ओपनर जोड़ी का 53.75 औसत से 10 सेंचुरी पार्टनरशिप का रिकाॅर्ड खास है। वैसे इन दोनों ने एक बार चौथे विकेट के लिए भी सेंचुरी पार्टनरशिप की। विश्वास कीजिए औसत में इनका पार्टनरशिप रिकाॅर्ड सहवाग-गंभीर से भी बेहतर है।

सेंचुरी नहीं बनाई: कामयाब ओपनिंग पार्टनरशिप में दोनों पार्टनर रन बनाते हैं, अपने बड़े-बड़े स्कोर बनाते हैं। यहां गावस्कर सेंचुरी बनाते रहे पर टेस्ट में चेतन चौहान ने 2000 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद एक भी सेंचुरी नहीं बनाई। क्या टेंपरामेंट में कमी थी?

यह नहीं कह सकते क्योंकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 179 मैच में 11143 रन में 21 सेंचुरी बनाईं। एक बार तो 400 रन से ज्यादा की पार्टनरशिप भी की। 1980-81 का एडिलेड टेस्ट हो या 1979 का ओवल टेस्ट – जो बल्लेबाजी चेतन चौहान ने की उसे देखकर कौन उनके टेंपरामेंट पर सवाल उठाएगा? हर कोई अजीत वाडेकर को तकनीकी तौर पर उनसे बेहतर बल्लेबाज कहेगा। वाडेकर ने सिर्फ एक सेंचुरी बनाई। इसलिए सेंचुरी टेंपरामेंट का पैमाना नहीं।

जब चेतन चौहान की टेस्ट क्रिकेट की बात करते हैं तो ये दो पहलू ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।