सर इयान बॉथम इस सम्मान के हक़दार हैं


क्रिकेटरों को अपनी दुनिया में तो सम्मान और अवार्ड मिलते ही रहते हैं पर जब ग्राउंड से बाहर सम्मान मिलता है तो उसकी तो बात ही अलग होती है। ऐसा ही एक सम्मान अब  सर इयान बॉथम को मिला है। पिछले कुछ दिनों से वे लगातार ख़बरों में थे पर बेन स्टोक्स के साथ  तुलना की वजह से। अब वे खुद खबर हैं। 
ब्रिटिश पार्लियामेंट में  सर इयान बॉथम को हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स  का सदस्य बनाया गया है। ये वैसे ही है जैसे भारत में संसद में राज्य सभा के लिए मनोनीत किया जाना। भारत में अब तक सिर्फ दो क्रिकेटर  राज्य सभा के लिए मनोनीत हुए हैं – इनमें से भी अकेले सचिन तेंदुलकर (2012–2018) क्रिकेट की वजह से मनोनीत हुए थे जबकि नवजोत सिद्धू ( 2016 ) के नामांकन के लिए  राजनीतिक वजह थी। 
64  साल के सर इयान बॉथम   इंग्लैंड के भूतपूर्व कप्तान हैं और  1977 से  1992 के बीच  102  टेस्ट खेले । अपने समय में उन्हें विश्व के सबसे बेहतरीन आलराउंडर में से एक गिना गया। एक साथ जो 36 सदस्य मनोनीत हुए वे उनमें से एक हैं।  उन्हें  हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स  में किसी भी पार्टी का नहीं गिना जाएगा हालाँकि ये किसी से छिपा नहीं कि  Brexit के मामले में उन्होंने  जो समर्थन दिया,  उसे भुलाया नहीं गया।

ब्रिटिश पार्लियामेंट क्रिकेटरों को ऐसा सम्मान देने में सबसे आगे है और  हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में पहुँचने वाले वे 9वें क्रिकेटर हैं। उनसे पहले  :

1.  जॉर्ज हेरिस : 1851 में जन्मे हेरिस 4 टेस्ट खेले इंग्लैंड के लिए। वास्तव में पिता की वजह से उनका राजघराने से भी नाता था। 

2 . मार्टिन ह्वाके :   28 सीजन यार्कशायर के कप्तान और 8 चैंपियनशिप टाइटल जीते। 40 साल इसी क्लब के अध्यक्ष रहे। कुल 5 टेस्ट खेले। 

3 .  इवो बली  :    1882-83  की इंग्लैंड की ऑस्ट्रेलिया में  उस सीरीज में कप्तान जिसकी जीत की बदौलत ‘एशेज ‘ का जन्म हुआ। 

4. लार्ड टेनीसन :   हेम्पशायर और इंग्लैंड के कप्तान रहे। उनके पिता भी राजघराने से जुड़े थे। 9 टेस्ट खेले। 

5. लियरे कॉन्स्टेंनटाइन : एक बेमिसाल आलराउंडर जिन्होंने 1928 में वेस्टइंडीज के लिए पहला टेस्ट विकेट लिया था। परिवार गुलाम के तौर पर ब्रिटेन आया था। वे  इंग्लैंड में ही रहे। 1969 में ब्रिटेन के पहले अश्वेत हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स सदस्य बने थे। 

6. कोलिन काऊङरे :इंग्लैंड के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ों में से एक – 114 टेस्ट खेले। 1992 में नाईटहुड और 1997 में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स की सदस्यता का सम्मान मिला।  

7. डेविड शेपर्ड : अपने 22 में से 2 टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान। बाद में लिवरपूल के बिशप बने और 1998 में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स की आजीवन सदस्यता मिली। 

8. रशेल हेहो फ्लिंट :1973 में उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने वूमन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता। 2011 में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स का सम्मान मिला -विश्व क्रिकेट में  महिलाओं के  बराबरी के दर्ज़े के लिए कई खास कोशिशें की थीं। 

 अब सर बॉथम इस सम्मान का सिलसिला आगे ले जा रहें हैं।

-चरनपाल सिंह सोबती

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