सेवा , सुरक्षा और सहयोग – ये सिर्फ कहते नहीं, इसके लिए तैयार हैं ये खिलाड़ी


दिल्ली में एक क्लब क्रिकेटर के तौर पर संजय डोबल को जितनी चर्चा मिली ,उससे ज्यादा कोच के तौर पर मिली। 2012 में नेशनल  चैंपियनशिप जीतने वाली दिल्ली अंडर 16 टीम के कोच  वे ही थे। क्रिकेट ने ही उन्हें एयर इंडिया से जोड़ा। एयर इंडिया में नौकरी और साथ में  क्रिकेट टीम की कोचिंग। क्रिकेट का सिलसिला ख़त्म पर ड्यूटी और नौकरी जारी रहे । ये वही संजय डोबल हैं जिनका कोविड  19 के इन्फेक्शन से देहांत हुआ। कहाँ मिला था उन्हें ये इन्फेक्शन ? वे दिल्ली में टर्मिनल 3  पर ड्यूटी करते थे और वहीँ इन्फेक्शन ने उन्हें चपेट में ले लिया।  
कविड 19 की वजह से आई आपदा में पूरी दुनिया में खिलाड़ी अलग अलग तरह से योगदान देने में कतई पीछे नहीं रहे।  चेरिटी करने वालों की लिस्ट बड़ी लंबी है पर इनके साथ ख़ास तारीफ के हक़दार वे हैं जो जोखिम उठाकर , ड्यूटी के लिए घर से बाहर निकले और जान की भी चिंता नहीं की। संजय डोबल इन्हीं में से एक थे। 
2016 के कबड्डी वर्ल्ड कप में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट तथा प्रो कबड्डी लीग में 100 से ज्यादा मैच खेल चुके अजय ठाकुर हिमाचल प्रदेश में डिप्टी सुप्रिटेंडेंट  ऑफ़ पुलिस हैं और सड़क पर खुद घूमते रहे लॉक डाउन को कामयाब बनाने के लिए। उन्हें पिछले साल अर्जुन एवार्ड और पद्म श्री का सम्मान मिला था। 
यही ड्यूटी दी 2007 वर्ल्ड टी 20 में धोनी की टीम की सनसनीखेज जीत में फाइनल में आखिरी ओवर में जीत वाला विकेट लेने वाले जोगिन्दर शर्मा ने। वे हरियाणा में  डिप्टी सुप्रिटेंडेंट  ऑफ़ पुलिस हैं और ड्यूटी पर हैं हिसार में। उन्हें बड़ा सख्त पुलिस वाला गिना जाता है वहां। 
बॉक्सिंग में 2006 के  मेलबर्न कामनवेल्थ खेलों में  गोल्ड मैडल और 2007 की  मंगोलिया एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मैडल जीतने वाले अखिल कुमार भी  हरियाणा में हैं  और इस समय  गुरुग्राम में असिस्टेंट कमिशनर ऑफ़ पुलिस हैं।  सेवा , सुरक्षा और सहयोग वाली बात उन्होंने ही कही थी और यही उनका लक्ष्य है।  वे ओलिंपिक में हिस्सा ले चुके हैं और अर्जुन अवार्ड विजेता हैं। 
 बॉक्सिंग में 2006 के  मेलबर्न कामनवेल्थ खेलों  और 2007 की  मंगोलिया एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मैडल जीतने वाले जितेंद्र  कुमार  रेवाड़ी में  ड्यूटी पर हैं हरियाणा पुलिस की। उनकी ड्यूटी है ये देखने की इन दिक्कतों के चलते कोई जरूरतमंद या गरीब भूखा न रहे। उन्होंने कहा – ‘ हम जमीन से जुड़े हैं , हमें पता है भूख क्या होती है ?’
इंग्लैंड में जब NHS के लिए , कोविड  19 की आपदा से निपटने के लिए  ,50000 वालंटियर की जरूरत थी तो  महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हीदर नाईट ने सिर्फ चैक नहीं काटा या नीलामी के लिए आपने कोई क्रिकेट सामान नहीं दिया। वे  वालंटियर   बनीं और जो बीमार घर से बाहर नहीं आ सकते उन्हें दवाई पहुंचाती हैं। टीम की आल राउंडर सोफिया डंकले भी उनके साथ  NHS में  वालंटियर हैं। 
वंदे मातरम मिशन वाली फ्लाइट से पहले जब मार्च में इटली में इस इस बीमारी की दहशत थी तो एयर इंडिया की एक विशेष फ्लाइट रोम गई थी उनके 120 निवासियों को छोड़ने और 263 भारतवासियों ( जिनमें ज्यादातर स्टूडेंट थे) को वापस लाने। उस ऑपरेशन में सीनियर पर्सर की ड्यूटी में आसाम और दिल्ली के भूतपूर्व स्पिनर सुखविंदर सिंह भी थे। तब इटली जाने के नाम से भी दर लगता था।  
हर कोशिश ख़ास है। अपनी चिंता किए बिना ये मदद के लिए ड्यूटी पर हैं। 

लेखक- चरण पाल सिंग सोबती

pl note- Players in feature image are not the same as mentioned in article.Image is just symbolic.

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