Good Step By Sports Ministry Of India…By Charanpal Sobati

जब भारत के अपने कोच किसी से कम नहीं तो उन्हें फीस क्यों कम  मिले  ?
आखिरकार भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने सालों से चली आ रही एक गलती को सुधारने की दिशा में पहला कदम बढ़ा लिया है। हम पक्षपात की बात करते हैं पर यहाँ तो खुद सरकार पक्षपात कर रही थी। कोच का एक सा काम ,एक सी ड्यूटी तब भी भारत के अपने कोच को कम फीस मिलेगी लेकिन विदेशी कोच को ज्यादा। किसी खेल की एसोसिएशन भारतीय कोच को ज्यादा फीस देना चाहे तो भी नहीं दे सकती थी क्योंकि जो सबसे ज्यादा फीस दे सकते थे उसकी रकम तय थी।  यहाँ तक कि  BCCI वाले भी यही करते आ रहे थे। जो फीस जॉन राइट , गैरी  कर्स्टन या डंकन फ्लेचर को दी , उस समय तक के किसी भारतीय कोच को नहीं दी हालाँकि बिशन बेदी ,अजीत वाडेकर और कपिल देव जैसे मशहूर खिलाड़ी कोच बनाए। अनिल कुंबले और रवि शास्त्री के साथ इस गलती को सुधारा गया। 
अब खेल मंत्रालय ने देश के बड़े एथलीट को कोचिंग देने वाले भारतीय कोच की अधिकतम फीस की  2  लाख  रुपये महीना  वाली शर्त हटा दी है। वे चाहते हैं कि  देश के पुराने मशहूर एथलीट कोचिंग में आगे आएं। अब कॉन्ट्रेक्ट  भी 4 साल तक का दिया जा सकता  है। पी टी ऊषा जैसी एथलीट ने कहा कि उन्होंने जोगिंदर सिंह सैनी जैसा बेहतरीन कोच नहीं देखा पर NIS पटियाला में उन्हें कभी 2 लाख रूपये से ज्यादा फीस नहीं मिली। वहीं घटिया विदेशी कोच कहीं ज्यादा फीस लेते रहे। 2017 में जब हरेंदर सिंह को भारत की हॉकी टीम का चीफ कोच बनने का न्योता दिया तो उन्होंने भी कहा था कि 2 लाख रुपये और साथ में आकर्षक पर्क तो उन्हें एयर इंडिया से ही मिल रहे हैं तो वे उसे छोड़कर क्यों आएं ?उन्होंने कहा था कि विदेशी कोच के बराबर नहीं तो कम से कम  इज़्ज़त वाली सेलरी तो दो।  यही वजह है कि  हर कोई कोचिंग में आना नहीं चाहता था। 
इस समय SAI के लिए 40 के आस-पास  विदेशी कोच काम कर रहे हैं और इनकी फीस का तय दायरा 4 हज़ार डॉलर (लगभग  3 लाख रूपये ) से 15 हज़ार डॉलर ( लगभग 11. 25 लाख रुपये ) मासिक है तो भारत के मशहूर खिलाड़ी कोच बनकर सिर्फ 2 लाख रुपये मासिक तक ही क्यों अटके रहें ? SAI के साथ  1200 के आस – पास भारतीय कोच हैं और 300 और जल्दी ही  लेने की योजना है। अब अलग अलग खेल  की फेडरेशन अपने आप भारतीय कोच से फीस तय करेगी। लगभग हर ओलंपिक टीम के साथ कोई न कोई विदेशी कोच जुड़ा हुआ है। 
COVID 19 के कारण ओलंपिक  आगे बढ़ाए जाने को ध्यान में रखकर , ज्यादातर फेडरेशन की मांग पर ,  मंत्रालय ने सभी कोच का कॉन्ट्रेक्ट आगे  बढ़ाने की भी इजाजत दे दी है। अगर सब ठीक रहा तो भारत को अगले लगभग 24  महीने के अंदर तीन बड़े आयोजन में हिस्सा लेना है – ओलंपिक ,एशियन तथा कामनवेल्थ गेम्स । इसलिए सभी चाहते थे कि इस मुकाम पर कोच बदलने की नौबत न आए।