क्या नए कोच जाफर उत्तराखण्ड क्रिकेट को एवरेस्ट की चोटी पर ले जाएंगे !

वसीम जाफर के साथ ग्राफ ऊपर ही जाएगा 
खबर छोटी थी और एक छोटी टीम के साथ जुड़ी थी इसलिए उस पर किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अगर खबर में  वसीम जाफर का नाम न होता तब तो शायद यह चर्चा में ही न आती क्योंकि उत्तराखंड अभी कतई ऐसी टीम नहीं कि उसकी क्रिकेट पर कोई ज्यादा ध्यान दे। 
खबर ये कि आने वाले घरेलू क्रिकेट के सीजन में  वसीम जाफर कोच होंगे  उत्तराखंड के।  वसीम जाफर और  उत्तराखंड दोनों के लिए ये एक नई शुरुआत है। जाफर इस साल के शुरू में प्रथम श्रेणी  क्रिकेट से रिटायर हुए 19410  रन बनाकर जिसमें 57 स्कोर थे 100 वाले। घरेलू क्रिकेट के ढेरों रिकॉर्ड उनके नाम हैं और सबसे खास बात ये कि मुंबई के उन क्रिकेटरों में से एक जो खड़ूस बनकर पिच पर टिके। अपनी आखिरी टीम विदर्भ के लिए वे रन बनाने के साथ – साथ मेंटोर भी थे पर कोच की ड्यूटी एक अलग बात है क्योंकि अब उन्हें टीम के खेल के हर पहलू पर ध्यान देना है। शायद उत्तराखंड ने उन्हें जनवरी 2019 में ही शार्ट लिस्ट कर लिया था जब उनके 206 रन रणजी क्वार्टर फाइनल में उत्तराखंड की हार के लिए जिम्मेदार रहे थे।
वसीम जाफर घरेलू क्रिकेट  के दिग्गजों में से एक हैं और घरेलू  क्रिकेट के मिजाज को बेहतर जानते हैं – इसलिए उन्हें मालूम होगा कि कैसी चुनौती ली है उन्होंने ?उत्तराखंड ने 2018-19 सीजन से ही तो खेलना शुरू किया। उत्तरप्रदेश के जिन हिस्सों को अलग कर उत्तराखंड राज्य बना, वहां वास्तव में क्रिकेट की संस्कृति लगभग न के बराबर है। पहली चुनौती थी खिलाड़ी जुटाना और इसीलिए ज्यादातर क्रिकेटर राज्य से बाहर के हैं। दिल्ली में जन्मे और दिल्ली की टीम से निकाले गए उन्मुक्त चंद लिस्ट ए मैचों में और बाकी के मैचों में कानपुर में जन्मे तनमय श्रीवास्तव कप्तान थे पिछले सीजन में। 
2019-20 सीजन से पहले गुरशरण सिंह को कोच बनाया पर वे कोई चमत्कार नहीं कर पाए। अब मेहनती  वसीम जाफर को लाए हैं। इनका कॉन्ट्रेक्ट भी एक साल का है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ियों से ढका है और सर्दियों में बर्फ एवं अन्य दिक्क्तों के कारण कई हिस्से तो कट ही जाते हैं। वहां क्रिकेट के विकास पर काम आसान नहीं। उत्तराखंड को सिर्फ ये  उम्मीद नहीं है कि  वसीम जाफर टीम के रिकॉर्ड को बेहतर बना पाएंगे , वे साथ-  साथ राज्य की अपनी घरेलू  टेलेंट को पहचानने और उसे चमकाने में भी मदद करेंगे। कब तक इधर- उधर से खिलाड़ीजुटाकर टीम बनाई जाती रहेगी ? 

राज्य की राजधानी देहरादून में राजीव गाँधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बना दिया है पर क्रिकेट तभी आगे बढ़ेगी जब पहाड़ी इलाकों में खेलने और कोचिंग का बेहतर इंतज़ाम होगा। तभी तो अच्छी टेलेंट मिलेगी।  वसीम जाफर ने भी कोचिंग की ड्यूटी तो कई  ले लीं। वे पहले से बांग्लादेश में क्रिकेट एकेडमी में बैटिंग के सलाहकार और किंग्स इलेवन में बैटिंग के कोच हैं। हर ड्यूटी के साथ न्याय उनकी जिम्मेदारी है।

लेखक- चरण पाल सिंग सोबती

SPORTSNASHA
www.sportsnasha.com is a venture of SRC SPORTSNASHA ADVISORS PVT LTD. It is a website dedicated to all sports at all levels. The mission of website is to promote grass root sports.
http://www.sportsnasha.com